शहर से करीब 36 किलोमीटर दूर भीमलत महादेव स्थल पर बरसात का पानी बढऩे से रविवार रात को लगभग 20 से 25 लोग फंस गए। करीब दो से तीन घंटे तक लोगों को पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा।
शहर से करीब 36 किलोमीटर दूर भीमलत महादेव स्थल पर बरसात का पानी बढऩे से रविवार रात को लगभग 20 से 25 लोग फंस गए। करीब दो से तीन घंटे तक लोगों को पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा।
सूचना पर रात को सदर व बसोली थाना पुलिस मय जाप्ते भीमलत पहुंची। लेकिन तब तक पानी उतरने से लोग जा चुके थे। भीमलत महादेव के यहां दुकान लगाने वाले बंटी ने बताया कि बरसात के कारण पानी बढ़ गया था।
रेलवे पटरी के सहारे नाले में पानी की आवक ज्यादा थी। ऐसे में लोग रेलवे ट्रेक के यहां पानी उतरने का इंतजार करते रहे। कुछ देर के लिए तो लोगों की जान सांसत में आ गई।
मोबाइल नेटवर्क नहीं आने से परिजन चिंचित हो गए। काफी देर बाद पानी उतरने पर नाला पार करके गाडिय़ों तक पहुंचे। उधर, लोगों के फंसने की सूचना पर पहुंचे सदर थानाधिकारी अनीस अहमद ने बताया कि उन्होंने ऊपर व नीचे लोगों को तलाशा, लेकिन कोई नहीं मिला।
पटरी के नीचे से बही मिट्टी
कोटा-चित्तौड़ रेल खण्ड पर श्रीनगर के पास रविवार को बरसात के कारण पटरियों के नीचे से मिट्टी बह गई। सूचना पर रेलवे तंत्र हरकत में आया, तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। जहां उन्होंने पटरी के नीचे वापस मिट्टी व पत्थरों को भर दिया।