
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बालोतरा के पचपदरा में आयोजित देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के ऐतिहासिक उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर पूरे राजस्थान में भारी उत्साह देखा गया, लेकिन बूंदी जिले की एक ग्राम पंचायत में इस बड़े आयोजन के प्रति लापरवाही बरतने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बूंदी जिले के नैनवा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली बाछोला ग्राम पंचायत के ग्रामीण पचपदरा से होने वाले प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन और 1.06 लाख करोड़ रुपये की सौगातों के प्रसारण को देखने के लिए उत्सुक थे, पर पंचायत स्तर पर इसकी व्यवस्था न किए जाने के कारण लोगों को इस गौरवशाली पल से वंचित होना पड़ा, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने त्वरित और कड़ा कदम उठाते हुए दो मुख्य जिम्मेदार सरकारी कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
यह पूरा मामला बूंदी जिले की नैनवा पंचायत समिति के तहत आने वाली बाछोला ग्राम पंचायत का है। राज्य सरकार और उच्चाधिकारियों की तरफ से स्पष्ट निर्देश थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन समारोह के ऐतिहासिक क्षणों को ग्रामीण स्तर पर हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर विशेष एलईडी स्क्रीन और लाइव टेलीकास्ट की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। इस महत्वपूर्ण सरकारी आदेश और जनहित के कार्य की अवहेलना करने पर नैनवा के विकास अधिकारी (BDO) नरेंद्र सिंह झाला ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को दो अलग-अलग निलंबन आदेश जारी कर दिए।
विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह झाला द्वारा जारी किए गए पहले आधिकारिक निलंबन आदेश के अनुसार, बाछोला ग्राम पंचायत के कार्यवाहक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) नरेश कुमार वर्मा को राजकार्य में गंभीर लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का दोषी पाया गया है।
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उच्च स्तर से प्रधानमंत्री के पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन समारोह कार्यक्रम का ग्राम पंचायत स्तर पर लाइव प्रसारण दिखाने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद ग्रामीणों के लिए लाइव टेलीकास्ट की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए वीडीओ को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया और निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय नैनवा पंचायत समिति तय किया गया है।
इसी मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दूसरा निलंबन आदेश कनिष्ठ सहायकमहेंद्र खींची के खिलाफ जारी किया गया है। कनिष्ठ सहायक के निलंबन पत्र में लिखा गया है कि शनिवार को जब पूरे प्रदेश की नजरें प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक दौरे और पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण पर टिकी हुई थीं और पंचायत स्तर पर लाइव शो की व्यवस्था की जानी थी, तब महेंद्र खींची न केवल अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहे, बल्कि वे बिना किसी पूर्व सूचना के पंचायत मुख्यालय से पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए। सरकारी काम में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदारी और अनुशासनहीनता के चलते उन्हें भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर नैनवा पंचायत समिति मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के करोड़ों ग्रामीणों और युवाओं के भविष्य, रोजगार और आर्थिक समृद्धि से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है। ग्रामीण इलाकों में लोग इस ऐतिहासिक दिन को एक उत्सव की तरह देखना चाहते थे, ताकि वे जान सकें कि इस रिफाइनरी से क्षेत्र के सामाजिक परिदृश्य में क्या बदलाव आने वाले हैं।
बाछोला ग्राम पंचायत के स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर काफी निराशा थी कि वे अपने ही राज्य की इतनी बड़ी उपलब्धि के सीधे प्रसारण को सामूहिक रूप से अपने पंचायत भवन में नहीं देख पाए। प्रशासन की इस त्वरित निलंबन कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि आम जनता को सरकारी योजनाओं और वीवीआईपी कार्यक्रमों की जानकारी से दूर रखने वाले लापरवाह अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।