अभिभावक बच्चों को कर रहें प्रिपेयर्ड, घर में क्लास रूम जैसा माहौल
बूंदी. फस्र्ट टाइम बच्चे का स्कूल अटेंड करना पैरेंट्स के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं होता। बच्चों में फेयर एंड एंजायटी होता है, जिससे बच्चे का मन स्कूल में नहीं लगता। इस चैलेंज को पूरा करने के लिए पैरेन्ट्स ने अभी से ही कमर कस ली है। वे अपने इनोवेटिव आइडिया से बच्चे को घर पर वही माहौल देने का प्रयास कर रहें है, जिससे बच्चा स्कूल जाकर खुद को एडजस्ट कर सके। शहर के अधिकतर स्कूल २ अप्रेल व ४, ५ अप्रेल से ओपन हो रहे हैं। इसके लिए अभिभावक पहले बच्चों की क्लास ले रहे हैं, तो उन्हें कुछ समय के लिए अकेला भी छोड़ रहे है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे का डर भगाने के लिए अभी से ही ध्यान दे रहे हैं। घर में क्लास जैसा माहौल देना ठीक ऑप्शन है।
बच्चों के बीच अकेला
अनुश्री का बेटा संजय उसके बिना एक मिनट भी नहीं रहता, लेकिन अब उसे अप्रेल से स्कूल जाना है। ऐसे में उन्होंने अपने पास के बच्चों को रोज शाम को बुलाना शुरू कर दिया, जो गार्डन में खेलते है। अब उनके साथ वो भी खेलता है।
Read more : इन बूंदी की गलियों में सजोये है सपने हजारो.. राजस्थान दिवस के मोके पर राजस्थान पत्रिका की ओर से पर्यटन केन्द्र आयोजित छ: दिवसीय फोटो प्रदर्शनी...
यहां स्कूल जाने की जिद
नैनवां रोड निवासी नीतू सिंह हाड़ा का बेटा धनंजय पास में रहने वाले बच्चों को स्कूल जाने की तैयारी में देख खुद भी स्कूल जाने की जिद कर रहा है। इसके लिए सबसे सुंदर स्कूल बैग, पानी बोतल से लेकर स्टेशनरी आदि की डिमांड की जा रही है।
इन बातों का रखे ध्यान
अपने बच्चों को रोजाना शाम को पार्क में बच्चों के साथ खेलने दें। कुछ समय के लिए निगरानी में अपने बच्चे को अकेला छोड़े। बच्चों को प्रिपेयर के साथ एक्सपोजर भी करें। पहले से स्कूल जा रहें बच्चों को दिखाए और प्रिपेयर भी करें।