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Bundi News : फीस से लेकर सुरक्षा तक, निजी स्कूलों की होगी जांच

राज्य के गैर सरकारी विद्यालयों में समय समय पर विभाग द्वारा विद्यालय में पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म एवं बाल वाहिनी संचालन, आरटीई के तहत होने वाले नि:शुल्क प्रवेश, फीस का अधिनियम की पालना आदि बिन्दुओं को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह में स्कूल में उपस्थित होकर मोबाइल एप राज शाला संबलन से निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
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Jul 11, 2026
Private schools to be investigated
अध्ययन करते बच्चे

बूंदी. गोठड़ा. राज्य के गैर सरकारी विद्यालयों में समय समय पर विभाग द्वारा विद्यालय में पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म एवं बाल वाहिनी संचालन, आरटीई के तहत होने वाले नि:शुल्क प्रवेश, फीस का अधिनियम की पालना आदि बिन्दुओं को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह में स्कूल में उपस्थित होकर मोबाइल एप राज शाला संबलन से निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। पीईईओ/युसीईईओ को माह में सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया है।

निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्त करने पर अंक भी मिलेंगे। वहीं बार-बार होने वाले विभागीय निरीक्षण से निजी स्कूलों की स्वायत्तता एवं संचालन कार्य प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर द्वारा निजी स्कूलों के सतत निरीक्षण को लेकर निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि समय-समय पर जारी विभागीय दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए गैर सरकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण राजकीय विद्यालयों की भांति राज शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से करने के एप विकसित किया गया है, जिसके 42 से अधिक बिंदु निर्धारित किए गए है। इससे पूर्व संयुक्त निदेशक स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारियों की एवं जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारियों की बैठक में समीक्षा करते हुए रिपोर्ट निदेशक को भेजेंगे। शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के लिए शाला दर्पण से माहवार निरीक्षण के लिए निजी स्कूल आवंटित किए जाएंगे।

इन बिन्दुओं का करेंगे निरीक्षण

शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया है कि निजी स्कूलों के निरीक्षण के दौरान परिशिष्ट अ में उल्लिखित 42 से अधिक बिन्दुओं में अभिभावकों पर पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, स्कूल बेग, जूते, टाई खरीदने के लिए दबाव है या नहीं, बाल वाहिनी की स्थिति, राजस्थान विद्यालय फीस का विनियमन की अक्षरक्ष पालना, आरटीई अधिनियम में बच्चों के साथ भेदभाव, शारिरिक दण्ड, आरटीई के तहत फ्री पढ़ रहे बालकों से फीस वसूली, भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र, विद्यालय की भौतिक संरचना, स्कूल जिस स्तर की मान्यता मिली है वहां तक संचालित है या नहीं, स्कूल स्थान परिवर्तन सहित 42 से अधिक बिन्दुओं का ऑनलाइन निरीक्षण होगा।

चार अंक मिलेंगे

निर्देशों में बताया गया है कि संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, पदेन जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक व माध्यमिक, पदेन जिला परियोजना समन्वयक, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त परियोजना समन्वयक को, डाइट प्रधानाचार्य/ उप प्रधानाचार्य को 92-92, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, एबीईईओ को 112-112, संदर्भ व्यक्तियों को 138 एवं पीईईओ, युसीईईओ को माह में क्षेत्र के सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य किया जाएगा, जिसके लिए लक्ष्य प्राप्त करने पर अधिकारियों को चार अंक मिलेंगे।

स्कूल संचालन होगा प्रभावित

वहीं स्कूल संचालकों ने बताया कि इन निर्देशों में अनावश्यक बिन्दुओं को शामिल करने से स्कूल संचालन कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि आरटीई के बच्चों का भौतिक सत्यापन दल द्वारा एक दिन में एक स्कूल का निरीक्षण होता है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधान का काम अवलोकन करना होता है। इसके विपरित निजी स्कूलों में संस्था प्रधान स्कूल की मॉनिटरिंग, अभिभावकों से संवाद, स्कूल चलाने के नई योजनाएं बनाना, आठों पीरियड पढ़ाना, विषयाध्यापकों की व्यवस्था करना सहित आरटीई पोर्टल, युडाइस पोर्टल अपडेशन आदि कार्य करने स्वयं करते हैं। ऐसे में हर माह होने वाले विभागीय निरीक्षणों से स्कूलों की स्वायत्तता एवं संचालन कार्य प्रभावित होगा।

निजी स्कूल पंजीकृत सोसायटी एवं शिक्षा विभागीय मान्यता नियमों के तहत संचालित होते हैं। बार-बार ऑनलाइन निरीक्षण से निजी स्कूलों के प्रबंधन में हस्तक्षेप बढ़ेगा, जिससे निजी स्कूलों की स्वायत्तता एवं संचालन कार्य प्रभावित होने के साथ इंस्पेक्टर राज बढऩे की संभावना है। इन निर्देशों का विरोध करेंगे।
अनिल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष स्कूल शिक्षा परिवार जयपुर

Updated on:
11 Jul 2026 12:11 pm
Published on:
11 Jul 2026 12:09 pm