बूंदी

Rajasthan: बूंदी में पॉक्सो आरोपी की हिरासत में मौत, भड़की भीड़ ने थाने पर किया पथराव, पूरा थाना लाइन हाजिर

Bundi News: पॉक्सो प्रकरण में हिरासत में लिए गए युवक की संदिग्ध मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने इंद्रगढ़ थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए पथराव किया।

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Mar 11, 2026
पुलिस हिरासत में पॉक्सो के आरोपी की मौत, थाने के बाहर प्रदर्शन (फोटो- पत्रिका)

Rajasthan News: बूंदी जिले के इंद्रगढ़ थाने में पॉक्सो (POCSO) मामले के एक आरोपी की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत ने भारी बवाल खड़ा कर दिया है। परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट का आरोप लगाया है।

जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया और पथराव भी किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बूंदी पुलिस अधीक्षक ने पूरे इंद्रगढ़ थाने को लाइन हाजिर कर दिया है।

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जानकारी के अनुसार, इंद्रगढ़ थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 27 फरवरी को अपनी नाबालिग पुत्री को भगाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 मार्च को युवती को दस्तयाब किया। इसी सिलसिले में रविवार को पुलिस ने करवर निवासी दिनेश (23) पुत्र मांगीलाल सैनी को हिरासत में लिया था। दिनेश पेशे से मिस्त्री था।

मंगलवार शाम करीब 6 बजे दिनेश को गंभीर अवस्था में इंद्रगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर कर दिया गया। कोटा पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के आरोप और प्रदर्शन

मृतक के मामा शिवजी लाल सैनी का आरोप है कि दिनेश को तीन दिन पहले ही पकड़ लिया गया था और थाने में उसके साथ अमानवीय मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। मौत की खबर फैलते ही मंगलवार रात को इंद्रगढ़ थाने के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों और समाज के लोगों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं।

  • 50 लाख रुपए का मुआवजा।
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
  • इंद्रगढ़ थाने के दोषी स्टॉफ पर कड़ी कार्रवाई और बदलाव।

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कुछ लोगों ने थाने के अंदर पत्थर फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा और कई थानों का जाप्ता मौके पर तैनात किया गया।

मामले में पुलिस प्रशासन और चश्मदीदों के बयानों में स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक (राजेंद्र मीना) उन्होंने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि युवक को धारा-164 के बयानों के लिए लाया गया था। जहां उसने मौका पाकर फंदा लगा लिया। एहतियात के तौर पर थाने को लाइन हाजिर कर घटना स्थल वाले कमरे को सील कर दिया गया है।

चिकित्सा प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता के मुताबिक, जब युवक को अस्पताल लाया गया, तब उसके गले में निशान थे और हालत बहुत गंभीर थी। माली समाज जिलाध्यक्ष चौथमल सैनी ने कोटा अस्पताल में शव को देखने के बाद दावा किया कि मृतक के हाथ के पंजे पर सूजन थी और गले में फंदे के स्पष्ट निशान नहीं थे। उन्होंने इसे पिटाई से हुई मौत का मामला बताया है।

प्रशासनिक कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन कुमार पांडे ने कहा है कि मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है और कोटा रेंज आईजी से भी संपर्क साधा गया है। पूरे मामले की नियमानुसार निष्पक्ष जांच की जाएगी। क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस के आला अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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Updated on:
11 Mar 2026 07:33 am
Published on:
11 Mar 2026 07:32 am
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