बूंदी

Rajasthan: 12 साल की बच्ची ने 5 महीने के प्री-मैच्योर बच्चे को दिया जन्म, चौंक गए पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे परिजन

Bundi News: नाबालिग के माता-पिता ने उसके गर्भवती होने के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं होने की बात कही है। उन्होंने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ महिला थाने में FIR दर्ज कराई है।

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Mar 28, 2026
फोटो: पत्रिका

Minor Gives Birth To Premature Baby: बूंदी सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की कक्षा 12 की नाबालिग छात्रा ने शहर के जनाना अस्पताल में पांच माह के प्री-मैच्योर शिशु को जन्म दिया। चिकित्सकों की सूचना पर सदर एवं महिला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से जानकारी जुटाई।

जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात छात्रा के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे शुक्रवार सुबह नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आपातकालीन चिकित्सा इकाई में जांच के बाद उसे जनाना अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां करीब आधे घंटे बाद उसने पांच माह के प्री-मैच्योर शिशु को जन्म दिया।

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चिकित्सकों के अनुसार शिशु को गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है, जबकि प्रसूता की हालत खतरे से बाहर है। नाबालिग के माता-पिता ने उसके गर्भवती होने के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं होने की बात कही है। उन्होंने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बूंदी में गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को नहीं मिल रहा सेवा का लाभ

बूंदी जिले के सुवासा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व देई, बांसी, तालेड़ा, नैनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 3 माह से 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस नहीं होने से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा बंद होने से एक लाख से अधिक क्षेत्र के लोग परेशान हैं।


ग्रामीणों के द्वारा समस्या से प्रशासन को अवगत कराने व राजस्थान संपर्क पोर्टल में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी प्रशासन इन पांच अस्पतालों में 104 एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। सुवासा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2012 में 104 एम्बुलेंस आई थी, जो 2023 में कंडम होकर शोपीस बनकर खड़ी हुई है, उसके बाद से कंपनी की एम्बुलेंस चल रही थी। टेंडर खत्म होने के बाद दिसंबर 2025 में यह एंबुलेंस कंपनी के द्वारा वापस ले ली गई। उसके बाद से यहां पर कोई एंबुलेंस नहीं है।

14 अस्पतालों में थी सेवाएं

जिले में 14 अस्पतालों में 104 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस चल रही थी। 7 दिसंबर 2025 को एंबुलेंस का संचालन कर रही कंपनी का टेंडर खत्म होते ही जिले की 14 एम्बुलेंस बंद कर दी गई। बाद में 13 फरवरी 2026 को मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी बूंदी के आदेश पर वापस सभी 104 एंबुलेंस को खंड मुख्य चिकित्सा व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधिकारी को चलाने के निर्देश पर केशवरायपाटन, कापरेन, बड़ाखेड़ा, लाखेरी, बामन गांव, हिंडोली, बरुधन, वराना, दबलाना, अस्पताल की एम्बुलेंस सेवा शुरू हो गई, लेकिन सुवासा, बांसी, देई, तालेड़ा, नैनवां अस्पताल की एंबुलेंस सेवा 3 माह से बंद है, जिसमें दो एम्बुलेंस मरम्मत के लिए भेज रखी है और तीन एंबुलेंस पूर्व में संचालन कर रही कंपनी ने वापस ले ली, जिसके चलते मरीज काफी परेशान है, जिसकी शिकायत ग्रामवासियों के द्वारा कई बार राजस्थान संपर्क पोर्टल व प्रशासन को की जा चुकी है।

एम्बुलेंस का संचालन नहीं होने से गर्भवती महिलाएं व एक वर्ष से छोटे बच्चे व डिलीवरी वाली महिलाएं काफी परेशान है। ग्रामीणों ने बंद पड़ी सभी एंबुलेंस को वापस चालू करवाने की प्रशासन से मांग की है।

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Published on:
28 Mar 2026 11:17 am
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