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Rajasthan News : आज रात एक घंटे के लिए आप भी ज़रूर बंद करें लाइट्स – ये है बड़ी वजह

पूरी दुनिया के साथ-साथ आज राजस्थान भी एक अनोखे और रहस्यमयी अंधेरे का गवाह बनने जा रहा है। जब घड़ी की सुइयां रात के 8.30 बजाएंगी, तो प्रदेश के सबसे पॉश इलाकों और सरकारी गलियारों में अचानक सन्नाटा पसर जाएगा। यह अंधेरा किसी बिजली कटौती का नतीजा नहीं, बल्कि धरती को बचाने के लिए मरुधरा के एक बड़े संकल्प का हिस्सा है।

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शनिवार की रात राजस्थान के लिए कुछ अलग होने वाली है। दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरण अभियान 'अर्थ ऑवर डे' (Earth Hour Day) के अवसर पर आज पूरा प्रदेश एक घंटे के लिए बिजली उपकरणों को विश्राम देगा। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रदेशवासियों से इस वैश्विक मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की मार्मिक अपील की है।

इस अभियान के तहत आज रात8:30 बजे से 9:30 बजे तक लोकभवन सहित तमाम सरकारी इमारतों की गैर-जरूरी लाइटें बंद कर दी जाएंगी। यह पहल न केवल ऊर्जा संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि राजस्थान को पर्यावरण सुरक्षा के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से खड़ा कर रही है।

60 मिनट का 'अर्थ ऑवर'

आज शनिवार रात 8.30 बजे जैसे ही 'अर्थ ऑवर' शुरू होगा, जयपुर स्थित लोकभवन की सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद कर दी जाएंगी। राज्यपाल बागडे ने स्वयं इसकी निगरानी करने और आमजन को प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है।

  • समय: रात 8:30 से 9:30 बजे तक।
  • क्या बंद रहेगा: केवल गैर-जरूरी लाइटें, सजावटी लाइट्स और फालतू चल रहे विद्युत उपकरण। आपातकालीन सेवाएं और जरूरी लाइटें चालू रहेंगी।

राज्यपाल की प्रदेशवासियों से भावुक अपील

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि यह महज एक घंटे की बिजली कटौती नहीं है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक निवेश है।

राज्यपाल ने कहा, "एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइट्स बंद रखकर हम सामूहिक तौर पर ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल कर पाएंगे। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है और इसमें हर राजस्थानी की सहभागिता जरूरी है।"

क्या है 'अर्थ ऑवर' और क्यों है यह जरूरी?

बिजली बचाने और ग्लोबल वार्मिंग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) द्वारा यह अभियान चलाया जाता है।

  • जागरूकता: इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि बिजली का उत्पादन पर्यावरण पर भारी दबाव डालता है। एक घंटे की बचत भी करोड़ों यूनिट बिजली बचा सकती है।
  • वैश्विक अभियान: सिडनी से शुरू हुआ यह सफर आज राजस्थान के गांवों और शहरों तक पहुँच चुका है।

मरुधरा में ऊर्जा संरक्षण का नया रिकॉर्ड

राजस्थान अपनी सौर ऊर्जा (Solar Energy) के लिए दुनिया भर में मशहूर है। ऐसे में 'अर्थ ऑवर डे' पर प्रदेश की सक्रियता यह दर्शाती है कि राजस्थान न केवल ऊर्जा उत्पादन में बल्कि ऊर्जा की बचत में भी अग्रणी है। जयपुर के आमेर फोर्ट, हवामहल और अन्य ऐतिहासिक स्मारकों पर भी इस दौरान सांकेतिक तौर पर लाइटें बंद रखने की परंपरा रही है, जिससे दुनिया भर के पर्यटकों को एक मजबूत संदेश जाता है।

आमजन कैसे बनें इस मुहिम का हिस्सा?

राज्यपाल ने अपील की है कि आज रात हर घर, हर शोरूम और हर ऑफिस में कम से कम एक घंटे के लिए गैर-जरूरी बिजली बंद रखी जाए।

  • मोमबत्ती का उजाला: लोग इस एक घंटे को परिवार के साथ बिना गैजेट्स और लाइट के बिता सकते हैं, जो डिजिटल डिटॉक्स के लिए भी एक बेहतरीन अवसर है।