बूंदी

Bundi : प्रोजेेक्टर से करेंगे स्मार्ट अध्ययन, आइसीटी से जानेंगे व्यावहारिक कौशल

प्रदेश के सरकारी कॉलेजों को हाईटेक बनाने की दिशा में आयुक्तालय ने पहल की है। इसमें बूंदी समेत 35 राजकीय महाविद्यालयों में जहां आइसीटी लैब तैयार की जाएगी तो वहीं 153 महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित की जाएगी।

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Mar 24, 2026
विधि महाविद्यालय

बूंदी. प्रदेश के सरकारी कॉलेजों को हाईटेक बनाने की दिशा में आयुक्तालय ने पहल की है। इसमें बूंदी समेत 35 राजकीय महाविद्यालयों में जहां आइसीटी लैब तैयार की जाएगी तो वहीं 153 महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित की जाएगी। स्मार्ट क्लास और आइसीटी लैब स्थापित होने से महाविद्यालयों में डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही विद्यार्थियों की रुचि भी डिजिटल की तरफ बढ़ेगी। आयुक्तालय ने प्रत्येक महाविद्यालयों के लिए बजट जारी किया है। परिवर्तित बजट घोषणा वर्ष 2024-25 में चयनित विश्व विद्यालयों व महाविद्यालयों में इनके स्थापित करने के लिए 45 करोड़ का बजट जारी किया गया है। इस योजना के तहत जहां बूंदी राजकीय महाविद्यालय में आईसीटी लैब तो वहीं ङ्क्षहडोली व बूंदी विधि महाविद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे। उपकरणों की खरीद के लिए संबंधित कॉलेज प्राचार्यों को गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है।

ऐसे होगी स्मार्ट क्लास
हिण्डोली महाविद्यालय एवं बूंदी विधि महाविद्यालय समेत प्रदेश के 153 राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए दोनों महाविद्यालयों को अलग-अलग 19 लाख 60 हजार रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इस बजट से महाविद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम का निर्माण कराया जाएगा। इसके अंतर्गत 75 इंच का फ्लैट पैनल डिस्प्ले, डिजिटल पोडियम डेस्कटॉप के साथ, फुल एचडी विजुलाइजर, पीटीजे कैमरा दो नग, 5 किलोवाट ऑनलाइन यूपीएस, 60 विद्यार्थी चेयर्स, दो एयर कंडीशनर, पावर एमप्लीफायर, पीडीएस ऑडियो मिक्सर सहित जरूरी सामान लगाया जाएगा।

छात्रों की सीखने की बढ़ेगी क्षमता
राजकीय महाविद्यालयों में आइसीटी लैब खुलने एवं स्मार्ट क्लास रूम बनने से छात्र-छात्राओं में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिल सकेगा। साथ कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान, प्रैक्टिकल ज्ञान के साथ ही एआई टूल की जानकारी भी बच्चों को आसानी से मिलेगी। वहीं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई पारंपरिक ब्लैक बोर्ड की जगह इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-वीडियो, एनिमेटेड ग्राफिक्स और ऑनलाइन संसाधनों के प्रयोग से होती है, जिससे जटिल विषय भी आसानी से समझ में आते हैं और छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है।


आइसीटी लैब में यह लगेंगे उपकरण
बूंदी राजकीय महाविद्यालय में आईसीटी लैब तैयार की जाएगी। इसके लिए महाविद्यालयों को 54 हजार रुपए का बजट मिला है। हालांकि महाविद्यालय में लैब बनकर तैयार है। कुछ जरुरी सामानों की खरीद इनके द्धारा की जाएगी। लैब में 75 इंच अल्ट्रा एचडी फ्लेट पैनल डिस्प्ले, प्रोसेसर आई 5, 16 जीबी रेम, 1 टीबी एसएसडी के साथ की-बोर्ड और माउस (सर्वर) सहित अन्य उपकरण लगेंगे हुए। आवंटित बजट से महाविद्यालय हेडफोन सहित अन्य सामानों की खरीद करेंगे।

इनका कहना है
हाड़ौती के तीन राजकीय विधि महाविद्यालयों में से सिर्फ राजकीय विधि महाविद्यालय बूंदी को ही स्मार्ट क्लास के लिए बजट प्राप्त हुआ है। इस संबंध में ऑनलाइन निविदा की कार्यवाही कर दी गई है। प्रक्रिया पूर्ण होते ही राजकीय विधि महाविद्यालय बूंदी में विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास के माध्यम से अध्ययन कराया जाने लगेगा।
डॉ. देवेश पाठक, प्राचार्य, राजकीय विधि महाविद्यालय, बूंदी

Updated on:
24 Mar 2026 11:59 am
Published on:
24 Mar 2026 11:58 am
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