क्षेत्र के देईखेड़ा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन तो है पर सोनोलॉजिस्ट नहीं होने से रोगियों को 20 किलोमीटर दूर लाखेरी या कापरेन में निजी सोनोग्राफी सेंटर पर जाना पड़ रहा है
लबान. क्षेत्र के देईखेड़ा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन तो है पर सोनोलॉजिस्ट नहीं होने से रोगियों को 20 किलोमीटर दूर लाखेरी या कापरेन में निजी सोनोग्राफी सेंटर पर जाना पड़ रहा है, जिसके चलते इस अस्पताल से जुड़े करीब एक दर्जन गांवों के रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी अनुसार करीब पांच माह पूर्व देईखेड़ा अस्पताल में सोनोग्राफी की सेवाएं शुरू की गई थी। यहां कापरेन अस्पताल से चिकित्सक अंजू को सप्ताह में एक दिन के लिए नियुक्त किया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी यहां सेवाएं नहीं दी, जिसके चलते यहां सोनोग्राफी मशीन धूल फांक रही है और रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है।
अस्पताल में नियुक्त सोनोलॉजिस्ट के नहीं आने से रोगियों को निशुल्क मां बाउचर योजना के तहत निजी सेंटर पर भेजा जाता है। सोनोलॉजिस्ट आएंगे तो अस्पताल में सोनोग्राफी की सेवाएं शुरू कर दी जाएगी। इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा जा चुका है।
डॉ. ललित मीणा, अस्पताल प्रभारी, देईखेड़ा
देईखेड़ा अस्पताल में सप्ताह में एक दिन सोनोलॉजिस्ट की सेवा देने के लिए कापरेन से डॉक्टर अंजू को लगाया गया है, लेकिन वह लंबे समय से मेडिकल अवकाश पर जैसे वो अवकाश से लौटेंगी सेवा शुरू हो जाएगी।
ओपी सामर, जिला स्वास्थ्य व चिकित्सा अधिकारी, बूंदी