बूंदी

फीस अधिक होने से विद्यार्थी नहीं कर रहे आवेदन, सीटें 340, आवेदन प्राप्त हुए 75

बीएजेएम महाविद्यालय के सरकारी नहीं होने का असर प्रवेश लेने पर भी पड़ रहा।
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Jun 21, 2018
Students are not making applications due to higher fees, seats 340, ap
फीस अधिक होने से विद्यार्थी नहीं कर रहे आवेदन, सीटें 340, आवेदन प्राप्त हुए 75

नैनवां. बीएजेएम महाविद्यालय के सरकारी नहीं होने का असर प्रवेश लेने पर भी पड़ रहा। सरकारी कॉलेज की तुलना में फीस पांच गुणा अधिक होने से प्रथम वर्ष में विद्यार्थी मुंह मोड़ रहे हैं। महाविद्यालय में आवेदन पत्र भरने की बुधवार को अंतिम तिथि तक निर्धारित सीटों की तुलना में एक चौथाई से भी कम 22 प्रतिशत ही प्रवेश आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। प्रथम वर्ष में 340 सीटें स्वीकृत है। बुधवार को आवेदन करने की अंतिम तिथि तक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए मात्र 75 विद्यार्थियों के ही प्रवेश आवेदन प्राप्त हो पाए। सरकारी महाविद्यालय से पांच गुणा अधिक फीस होने से निर्धन तबकों के विद्यार्थी महाविद्यालय में प्रवेश आवेदन नहीं कर पाए। महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज गुप्ता का कहना है कि महाविद्यालय के राजकीय होने की उम्मीद के चलते बहुत ही कम प्रवेश आवेदन प्राप्त हुए हैँ। प्रथम वर्ष में 340 सीटें स्वीकृत हैं, उसकी तुलना में बुधवार को अंतिम तिथि तक 75 ही आवेदन प्राप्त हुए है।

फूलेता के लोग बैठे धरने पर
कॉलेज को सरकारी करने की मांग को लेकर एबीवीपी का धरना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को फूलेता गांव के विद्यार्थी व अभिभावक गणेश नाथ, राकेश वर्मा, घासीलाल गुर्जर, मुकेश गुर्जर, भैरू लाल बैरवा, विष्णु सैन, भैरू सिंह, विजेन्द्र योगी, मोनू सिंह, महावीर योगी सहित एक दर्र्जन धरने पर बैठे। एबीवीपी के तहसील सहसंयोजक दिनेश नागर, छात्रावास प्रमुख भंवरलाल सैनी, मीडिया प्रभारी राजकुमार चांदना, विद्याथी्र्र प्रमुख कमलेश नागर, विनोद नागर, धर्मराज व भीमराज धरने पर बैठे।
समर्थन मांगा
मुहिम के तहत बुधवार को एबीवीपी के विद्यार्थी विकास प्रकल्प के जिला संयोजक दिलखुश पोटर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जयेश शर्मा, एबीवीपी के तहसील सहसंयोजक ओपी मीणा व पिंटू पोटर जयपुर में एबीवीपी के जयपुर विभाग संगठन मंत्री देवानन्द त्यागी से मिला और कॉलेज को सरकारी कराने के लिए समर्थन मांगा।

प्राचार्य आज पेश करेंगे रिपोर्ट
प्राचार्य पंकज गुप्ता ने बताया कि कॉलेज को सरकारी करने के लिए तत्थ्यात्मक व सकारात्मक रिपोर्ट और अभ्यावेदन तैयार कर लिया है। महाविद्यालयों को वापस राज्याधीन किए जाने के मामले में 21 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा सुनवाई करेंगे। रिपोर्ट व अभ्यावेदन अतिरिक्त मुख्य सचिव को पेश कर कॉलेज को सरकारी किए जाने की पैरवी की जाएगी।

Published on:
21 Jun 2018 01:05 pm