बूंदी

नये साल पर बूंदी को मिले जख्म…टायर जले, फूटे सिर, 3 जनवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद, थम सी गई छोटी काशी…

छोटी काशी में नए साल पर बहा खून...बूंदी को किसकी लगी नजर...

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Jan 01, 2018
taigar hil maanadhata vivad -Tension in bundi net services banned for

बूंदी. बूंदी जैतसागर झील के किनारे टाइगर हिल स्थित मानधाता की छतरी पर पूजन को लेकर सोमवार को बूंदी में हुए बवाल के बाद स्थिति तनाव पूर्ण रही। जिला प्रशासन ने मानधाता की छतरी पर जाने की अनुमति नहीं देने के बाद भी हिन्दू महासभा संगठन के आव्हान पर बालाजी पूजन को लेकर दोपहर दो बजे संगठन के कार्यकताओ सहित बड़ी संख्या में लोग शहर के मालनमासी बालाजी मंदिर परिसर में एकत्र हुए , मार्च करते हुए हाथों में धर्मध्वजा लिए लोग पूजन को लेकर रवाना हुए लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस पर कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे पुलिस ने लाठीचार्ज कर तितर बितर कर दिया इससे कुछ देर शहर में माहौल गरमा गया। पूजन के लिए एकत्र हुए लोगों को खदेड़ जाने से लोगो में गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने लाठी चार्ज के बाद एक दर्जन स्थानों पर प्रदर्शन किए। बूंदी बस स्टैण्ड के बाहर टायर जला दिए। बीच सडक़ पर पत्थर डालकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। जिन्हें बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा। घटना में करीब एक दर्जन लोगों को गंभीर चोटे आई है। जिन्हें बूंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एहतियात के तौर पर कोटा पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल भी पुलिस पहुंच गए है। गर्माए माहोल के बाद सम्भागीय आयुक्त ने ३ जनवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार , पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू मामले में निगरानी रखे हुए है। जानकारी के अनुसार बूंदी में हिन्दू महासभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मानधाता की छतरी पर एक जनवरी को पूजन का आह्वान किया था। इसी के चलते जिले भर से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग यहां एकत्र हो गए। देर रात तक पुलिस इन्हें खदेडऩे में लगी रही।

पुलिस छावनी में तब्दिल पर्यटन नगरी

टाइगर हिल मानधाता विवाद मामले में पुलिस ने लोगो को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गुस्साए लोगो ने शहर में एक दर्जन स्थानों में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लाठीचार्ज में एक दर्जन लोगो के सिर फूटे घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। गरमाएं माहौल के बाद पुलिस ने जाप्ता ओर बढ़ा दिया। सुबह से ही पर्यटन नगरी पुलिस छावनी में तब्दिल रही। नये साल पर बूंदी के इतिहास में यह पहली दफा होगा जब शहरवासी नये साल साल पर सुबह की किरण के साथ भय के साये में रहें। जश्र से दूर लोगो के जेहन में एक ही सवाल रहा आखिर बूंदी को किस की नजर लगी?

मिठाई नही मिली लाठियां-


नये साल पर लोग परिवार, रिश्तेदार और अपने दोस्तो को मूंह तक मिठा नही करवा सके। विवाद की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूर्व में ही जहां जिले में इंटरनेट एसएमएस पर प्रतिबंध लगाने के साथ धारा 144 लागु कर दी गई, वहीं बाजार भी बंद रहे। व्यापारियों ने मामले को भापते हुए स्वत: ही दुकाने बंद रखी ऐसे में लोगों को न नाश्ता नसीब हुआ न मिठाईयां। दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ी। शहरी सीमा में भारी भरकम पुलिस जाप्ते ने लोगो के प्रवेश पर रोक लगा दी, उन्हें पैदल ही अपने गन्तव्य की ओर जाना पड़ा सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को लेकर हुई। रोते बिलखते बच्चों को अभिभावक समझाते नजर आए। एक बारगी बिगड़े माहोल को लेकर छोटी काशी थम सी गई।

कोटा रेंज से जाप्ता, आरएसी पहुंची-


चप्पे चप्पे पर प्रसाशन की निगाह ड्रोन कैमरे से शहर में निगरानी रही। देर रात तक हथियार बंद जवान घूमते रहे। शहर में आने जाने वालों की तलाशी और पुछताछ की जा रही है। चहुंओर पुलिस का हाईअलर्ट हो गया। मालनमासी बालाजी मंदिर पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। सुरक्षा के लिए कोटा रेंज से पुलिस जाप्ता बूंदी पहुंचा। इसके अलावा आरएसी के जवान, जिलेभर के थानों के थानाधिकारी व पुलिस जाप्ता बूंदी में तैनात कर दिया गया। इसके अलावा जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले रास्ते व अलग-अलग गांवों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतमजाम किए।

Published on:
01 Jan 2018 08:05 pm