बूंदी

पीपल्दा थाग के पास नहर टूटी, चार सौ बीघा में फसल पानी में डूबी

पीपल्दा थाग गांव के पास नहर ओवरफ्लो होते ही किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

2 min read
Dec 24, 2025
पीपल्दा थाग गांव के पास नहर ओवरफ्लो होकर बह रहा पानी

बड़ाखेड़ा. पीपल्दा थाग गांव के पास नहर ओवरफ्लो होते ही किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। तेज बहाव के दवाब में नहर की कच्ची दीवार टूट गई और पानी आसपास के खेतों में फैल गया। रात की खामोशी में टूटी नहर ने किसानों की महिनों की मेहनत पलभर में डूबो दी। खेतों में खडी फसल गेहूं, चना, सरसों, मटर की फसल में पानी भरने से किसानों की महिनों की मेहनत आंखों के सामने डूबती चली गई।

ग्रामीणो ने बताया कि नहर की दीवार कच्ची है। पीपल्दा थाग के बाद नहर के पानी की निकासी आगे नहीं है, क्योंकि नहर को इस जगह पर ही बंद कर रखा है। हर वर्ष यहां नहर टूटती है। फसलें डूबती है और फसलें जलमग्न हो जाती हैं। करीब 400 बीघा जमीन पर खडी फसल पानी में डूब गई। पीडित किसान हरिमोहन मीणा, हरिप्रकाश, रामहेत, रामप्रकाश, जोधराज, गिरिराज आदि ने बताया की खेतों में खडी फसल में चारों तरफ पानी ही पानी है। मेहनत, पैसा और उम्मीद सब डूब गई। खाद बीज कर्ज लेकर फसल बुवाई की थी। अब फसल खराब हो गई। कर्ज कैसे चुकाएं समझ में नहीं आ रहा।

निकासी की व्यवस्था नहीं
पीपल्दा थाग गांव के पास नहर हर वर्ष टूटती है इसको लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि नहर में पानी बढने से दीवार टूट जाती है। नहर में पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है। नहर को यहां ही बंद कर रखा है, जिसके चलते पानी के दबाव में दीवार टूट जाती है।

पीपल्दा थाग गांव के पास नहर टूटने की सूचना मिलते ही नहर का पानी माखीदा की तरफ नहर में छोड़ दिया गया है। दीवार की मरम्मत का काम शुरू करवा दिया जाएगा। नहर में पाइप डालकर पानी निकासी की उचित व्यवस्था करवाई जाएगी।
छोटू लाल मीणा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग

Also Read
View All

अगली खबर