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Bundi : सौ घरों में पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त, प्रदर्शन के बाद भी नहीं जागा विभाग

कस्बे में इंद्रगढ़ व जरखोदा सड़क मार्ग के समीप स्थित करीब सौ घरों में पिछले 18 माह से नलों से पानी टपकना एक सपना बना हुआ है। संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब सौ घरों में नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है

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Feb 23, 2026
करवर. कस्बे में स्थित उच्च जलाशय जहां से कस्बे में जलापूर्ति की जाती है।

करवर. कस्बे में इंद्रगढ़ व जरखोदा सड़क मार्ग के समीप स्थित करीब सौ घरों में पिछले 18 माह से नलों से पानी टपकना एक सपना बना हुआ है। संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब सौ घरों में नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक कराने के लिए ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन विभाग पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। अब तो ये उपभोक्ता पाइप लाइनों की मरम्मत होने की उम्मीद भी छोड़ चुके है।

जानकारी अनुसार करीब डेढ़ साल पहले देई से इंद्रगढ़ तक सडक़ निर्माण कार्य के दौरान इंद्रगढ़ व जरखोदा रोड पर स्थित पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। सडक़ तो बन गई लेकिन ठेकेदार और विभाग पाइप लाइन को दुरुस्त करना भूल गए। तब से लेकर आज तक 100 घरों में जलापूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी है।

पाइपलाइन को ठीक कराने को लेकर लोगों ने कई बार प्रदर्शन कर संबंधित विभाग को अवगत भी कराया, लेकिन किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में जल जीवन मिशन व ग्रामीण जल योजन ग्राम पंचायत की देखरेख में चल रही है। इधर प्रशासक दीपकला नागर ने बताया कि जलदाय विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से पाइप लाइन ठीक कराने के लिए अवगत कराया है। विभाग की ओर से बार-बार बजट उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। बजट के अभाव में पंचायत स्तर पर पाइप लाइन को ठीक कराना संभव नहीं है, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। इधर पानी की किल्लत झेल रहे लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। लोगों का कहना है कि वे कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइप लाइन को ठीक कर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे। लोग महंगे दामों पर पानी के टैंकर डलवाने या दूर-दराज से पानी जुटाने को मजबूर हैं।

48 घंटे में टपक रहा नलों से पानी
कस्बे सहित क्षेत्र में स्थित जल स्रोतों में भरपूर पानी है। उसके बावजूद भी कस्बेवासियो को 48 घंटे में जलापूर्ति की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बेवजह जल संकट झेलना पड़ रहा हैं।जानकारी के अनुसार बांसला बांध पर लगे 9 नलकूपों से कस्बे की जलापूर्ति होती है। यहां 9 नलकूपों में से 6 बंद है। तथा 3 नलकूपों से ही जलदाय विभाग के उच्च जलाशय में पानी एकत्रित हो रहा है, जिसमें भी एक नलकूप में पानी कम होने के चलते उसका पानी यहां तक नहीं पहुंच पा रहा है। उच्च जलाशय में पर्याप्त पानी एकत्रित नही होने के कारण कस्बे की जलापूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा रही है। तथा कस्बेवासियों को एक दिन के अंतराल में पानी मिल रहा है। नियमित जलापूर्ति करने को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है।

जलदाय विभाग को देई व करवर में पाइप लाइन शिफ्टिंग का बजट उपलब्ध कराया था। जलदाय विभाग ने देई में तो पाइप लाइन की शिफ्टिंग का कार्य करवा दिया, लेकिन करवर में अधूरा ही छोड़ दिया। और शेष बजट को वापस सार्वजनिक निर्माण विभाग को भेज दिया। करवर में पाइप लाइन शिफ्टिंग का कार्य ग्राम पंचायत की ओर से कराया जाना है, जिसको लेकर ग्राम पंचायत को बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ग्राम पंचायत को पाइप लाइन शिफ्टिंग का बजट मिल जाएगा ।
सोनू नागर, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी नैनवां

Updated on:
23 Feb 2026 11:38 am
Published on:
23 Feb 2026 11:37 am
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