बूंदी

बूंदी के 220 गांवों के लिए छलावा साबित हुई गरड़दा पेयजल परियोजना

जिले की बूंदी और तालेड़ा पंचायत समिति के 220 गांव-ढाणियों को फ्लोराइडयुक्त पानी से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई बहुप्रतीक्षित गरड़दा पेयजल परियोजना तय समय के एक साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में इस साल भी लोगों को गरड़दा बांध से शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद अधूरी नजर आ रही है।

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May 10, 2026
गुढ़ानाथावतान. गरड़दा पेयजल परियोजना के तहत बनी टंकी आपूर्ति शुरू नहीं होने से अनुपयोगी पड़ी है।

गुढ़ानाथावतान. जिले की बूंदी और तालेड़ा पंचायत समिति के 220 गांव-ढाणियों को फ्लोराइडयुक्त पानी से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई बहुप्रतीक्षित गरड़दा पेयजल परियोजना तय समय के एक साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में इस साल भी लोगों को गरड़दा बांध से शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद अधूरी नजर आ रही है। जल जीवन मिशन के तहत संचालित इस परियोजना के जरिए जून 2025 तक घर-घर नल कनेक्शन से मीठा पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में इसे बढ़ाकर दिसंबर 2025 किया गया, लेकिन अब भी कई प्रमुख कार्य अधूरे पड़े हैं।

निर्माण कार्य अब भी प्रगति पर
जानकारी के अनुसार गांवों में पाइप लाइन बिछाने, टंकियां बनाने, पम्प हाउस निर्माण और अन्य कार्य अभी भी जारी हैं। बांध में इंटेक वेल निर्माण कार्य हाल ही में शुरू हुआ है, जबकि फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस और पाइप लाइन का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।गौरतलब है कि बूंदी जिला मुख्यालय से जुड़े 220 गांवों को गरड़दा बांध से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 238.4 करोड़ रुपए की लागत से यह परियोजना संचालित की जा रही है। अक्टूबर 2023 में शुरू हुई इस योजना को जून 2025 तक पूरा किया जाना था।

विभागीय स्वीकृतियों में देरी
सूत्रों के अनुसार पाइप लाइन कार्य के बीच वन एवं वन्यजीव विभाग, रेलवे और स्टेट हाइवे विभाग की अनापत्ति नहीं मिलने से परियोजना प्रभावित हुई। इसके अलावा कार्य एजेंसी को समय पर भुगतान नहीं मिलने से भी काम की गति धीमी रही। हालांकि अब अधिकांश स्वीकृतियां मिल चुकी हैं और विभाग परियोजना को गति देने में जुटा है।

फ्लोराइडयुक्त पानी से मिलेगी राहत
इस योजना से बूंदी पंचायत समिति के गुढ़ानाथावतान और नमाणा क्षेत्र सहित कुल 220 गांव-ढाणियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इन क्षेत्रों में लंबे समय से ग्रामीण हैंडपम्पों और नलकूपों का फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। अब घर-घर नल कनेक्शन तो हो चुके हैं, लेकिन उनमें पानी आने का इंतजार लंबा होने से ग्रामीणों में निराशा बढऩे लगी है।


इन पंचायतों को मिलेगा लाभ
परियोजना के तहत नमाना, गरड़दा, सिलोर, सुंदरपुरा, लोईचा, धनातरी, नीम का खेड़ा, उलेड़ा, गुढ़ानाथावतान, रामनगर, मंगाल, हट्टीपुरा, रामगंजबालाजी, लालपुरा, माटुंदा सहित करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों के गांव-ढाणियां लाभान्वित होंगी।

छह स्थानों पर बन रहे पम्प हाउस
परियोजना के तहत गरड़दा बांध के पास होलासपुरा में फिल्टर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा होलासपुरा, गरनारा, नीम का खेड़ा, नमाणा, रामगंज बालाजी और गरड़दा में पम्प हाउस बनाए जा रहे हैं। 22 गांवों में नई पानी की टंकियां भी बनाई गई हैं।

खेतों में बसे परिवारों तक भी पहुंचेगा पानी
परियोजना में यह प्रयास किया गया है कि कोई भी परिवार पेयजल संकट से वंचित न रहे। इसके लिए गांवों और ढाणियों से दूर खेतों में बसे परिवारों तक भी पाइप लाइन डाली जा रही है। हालांकि गुढ़ानाथावतान पंचायत के पीली का खाना और छोगा मीणा का झोपड़ा सर्वे में शामिल नहीं होने से करीब पांच दर्जन परिवार अब भी योजना से बाहर हैं।

गरड़दा पेयजल परियोजना के कार्य में वन एवं वन्यजीव विभाग की एनओसी नहीं मिलने से कुछ देरी हुई है। प्रयास किए जा रहे हैं कि इस साल के अंत तक काम पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति शुरू की जा सके।
जयआदित्य कुमार, सहायक अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परियोजना खंड बूंदी

Published on:
10 May 2026 12:04 pm
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