कस्बे में स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में श्री चंद्रप्रभु भगवान व श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमाओं का वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ। आशीष गोयल ने बताया कि सकल जैन समाज ने सूंसा गांव में स्थित रोहित जैन मंदिर में विराजमान श्री चंद्रप्रभु भगवान व श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमाओं को करवर स्थित जैन मंदिर में विराजमान किया।
करवर. कस्बे में स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में श्री चंद्रप्रभु भगवान व श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमाओं का वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ। आशीष गोयल ने बताया कि सकल जैन समाज ने सूंसा गांव में स्थित रोहित जैन मंदिर में विराजमान श्री चंद्रप्रभु भगवान व श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमाओं को करवर स्थित जैन मंदिर में विराजमान किया। समाजबंधु सुबह करीब 6 बजे सूंसा गांव पहुंचे। जहां शांतिधारा अभिषेक, मण्डल विधान कर पूजन किया। बाद में समाजबंधु बैंड बाजों के साथ श्रीजी की प्रतिमाओं को कस्बे की तालाब की पाळ तक लाए।
यहां से श्रीजी की तीनों प्रतिमाओं को अलग-अलग पालकियों मे विराजमान करके नगर भ्रमण कराया। तथा बाद में भगवान की प्रतिमाओं को दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान किया। नगर भ्रमण के दौरान महिलाएं जैन भजनों पर नाचते गाते हुए चल रही थी। जगह-जगह श्रद्धालुओ ने शोभायात्रा की अगवानी की।
घरों के सामने श्रीजी की आरती कर श्रीफल भेंट किए। शाम को संगीतमय मण्डल विधान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इससे पहले शांति धारा, वेदियों पर श्रीजी भगवान को विराजमान की बोलिया लगाई गई। शांतिधारा के प्रथम पुण्यार्जक हरिप्रसाद जैन, चंद्र प्रकाश चंद, कौशल कुमार जैन, द्वितीय पुण्यार्जक प्रकाश चंद, योगेश कुमार और तृतीय पुण्यार्जक फूल चंद, नन्द लाल, कन्हैया लाल, हनुमान, टीकम जैन रहे। श्रीजी को वेदियों पर विराजमान करने के लिए बोलिया लगाई गई, जिनमें चंद्रप्रभु भगवान को विराजमान करने के पुण्यार्जक हरिप्रसाद , चंद्र प्रकाश, ङ्क्षसटू कुमार, कौशल जैन, पदम चंद जैन रहे। पाश्र्वनाथ भगवान को वेदी पर विराजमान करने के पुण्यार्जक छेलबिहारी, मनीष कुमार , नरेंद्र कुमार मंगल रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल रहे।