बूंदी

Bundi : विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में शिशु रोग यूनिट व ऑपरेशन थियेटर बंद

उपजिला चिकित्सालय बनने के बाद चिकित्सालय में शिशुओं के उपचार के लिए शिशु रोग यूनिट, जटिल प्रसव कराने के लिए एफआरयू यूनिट, ऑपरेशन के लिए थियेटर, सोनोग्राफी की सुविधाओं की सौगात मिली थी।

2 min read
Apr 15, 2026
नैनवां. उपजिला अस्पताल में बंद पड़ा ऑपरेशन थियेटर।

नैनवां. उपजिला चिकित्सालय बनने के बाद चिकित्सालय में शिशुओं के उपचार के लिए शिशु रोग यूनिट, जटिल प्रसव कराने के लिए एफआरयू यूनिट, ऑपरेशन के लिए थियेटर, सोनोग्राफी की सुविधाओं की सौगात मिली थी। इनके संचालन के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, ऑर्थोपेडिक सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भी स्वीकृत है। लेकिन एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नही होने से मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा।


शुरू नहीं हो पा रही शिशु रोग यूनिट
उपजिला चिकित्सालय में शिशुओं के उपचार के लिए स्वीकृत शिशु रोग यूनिट भी शुरू नहीं हो पाई। जबकि दो वर्ष पहले ही 25 लाख की लागत से अलग से शिशु वार्ड का निर्माण हो रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ व स्त्री रोग विशेषज्ञ नही होने से यूनिट शुरू नही हो पा रही। चिकित्सा विभाग ने कोविड-19 के सेकंड फेज के बजट से 25 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। इस राशि से चिकित्सालय से कनेक्ट रखते हुए 68.6 फीट की लंबाई व 18.6 फीट चौड़ाई का वार्ड निर्माण हो रहा है। जिसमे शौचालय, टॉयलेट व स्नानघर की सुविधा भी है। वार्ड में स्टोर व एनएस स्टेशन भी स्थापित है।


एफआरयू यूनिट भी हो रही प्रभावित
चिकित्सालय में जटिल प्रसव कराने के लिए एफआरयू यूनिट सृजित है। लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से प्रसव जटिल होने पर प्रसूता को जिला अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ रहा है। जिससे एक तिहाई से अधिक प्रसूताएं रेफर हो रही है।


ऑपरेशन थियेटर बंद
चिकित्सालय में आधुनिक ऑपरेशन थियेटर तो है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में ऑपरेशन थियेटर का उपयोग नही हो पा रहा। उपजिला चिकित्सालय व ट्रॉमा सेंटर में वरिष्ठ व कनिष्ठ सर्जनों के पद रिक्त पड़े है। ऑपरेशन नही हो पाने से सामान्य ऑपरेशन व ऑपरेशन से होने वाले प्रसवों के लिए भी प्रसूताओं को रेफर करना पड़ता है।


सोनोग्राफी की सुविधा सप्ताह में एक दिन
चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन तो है लेकिन सुविधा सप्ताह में एक ही दिन मिल पाती है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को बूंदी से एक विशेषज्ञ चिकित्सक आते है। उसी दिन ही सोनोग्राफी हो पाती है। ऐसे में इंतजार ही करना पड़ता है।

चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव होने से ही विशेषज्ञ शिशु रोग यूनिट, ऑपरेशन थियेटर बंद होने के साथ ही एफआरयू यूनिट का भी लाभ नही मिल पाता।
डॉ. कृष्णकुमार प्रजापति, पीएमओ, उप जिला अस्पताल

Published on:
15 Apr 2026 11:05 am
Also Read
View All