बूंदी

बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चालक हो जाए सावधान,टाइम-टू-टाइम प्रदूषण जांच नही करवाई तो लगेगी पैलेंटी

वाहनों के प्रदूषण की जांच अब होगी ऑनलाइन,कोटा रीजन में शुरू हुआ काम
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Dec 10, 2017
The pollution of the vehicles will now be online
vehicle pollution

बूंदी- वाहन प्रदूषण जांच नहीं कराने पर वाहन चालकों से पैनल्टी वसूली जाएगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है।
वाहनों के प्रदूषण की जांच अब ऑनलाइन होगी। ऐसे में बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाने वाले आसानी से पकड़े जाएंगे। इसके लिए कोटा रीजन में तैयारी शुरू हो गई है। जयपुर से बूंदी पहुंची टीम ने जिला स्तर पर वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों को ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने हाल ही में रील कंपनी के साथ अनुबंध किया है। जिसके तहत प्रदेशभर के प्रदूषण जांच केंद्रों को ऑन लाइन किया जाना है। कंपनी ने कोटा रीजन के कोटा, बारां, झालावाड़, रामगंजमंडी व बूंदी में प्रदूषण जांच केंद्रों को ऑन लाइन करने का काम शुरू कर दिया है। बूंदी में पहुंची टीम ने जांच केंद्रों को ऑनलाइन करने के लिए सर्वे किया है। यहां पर केंद्रों पर कम्प्यूटर सहित अन्य उपकरणों की स्थिति का जायजा लिया है। उक्त कंपनी सभी केंद्रों को ऑनलाइन सिस्टम से जोडऩे का काम पूरा करेगी।


मोबाइल पर आएगा मैसज
प्रदूषण जांच केंद्र ऑन लाइन होने से वाहनों का रिकार्ड भी ऑन लाइन ही दर्ज होगा। इससे यह पता लग जाएगा कि कौन से वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं बना है। जैसे ही वाहन मालिक जांच केंद्र पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करेगा। उसके मोबाइल पर एसएमएस आएगा। प्रमाण पत्र बनने की जानकारी भी मोबाइल पर एसएमएस से मिलेगी। प्रमाण पत्र की वैद्यता अवधि समाप्त होने की जानकारी भी वाहन मालिक के मोबाइल पर एसएमएस से आएगी।


समय चूका, तो लगेगी पेनल्टी
प्रदूषण जांच केंद्र ऑन लाइन होने के बाद वाहन मालिक प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाएगा। प्रमाण पत्र की निर्धारित वैद्यता समाप्त होने के बाद समय पर रीनिवल नहीं करवाने वाले वाहन मालिक से सरकार पेनल्टी भी वसूलेगी। निर्धारित फीस के साथ उसे पेनल्टी राशि भी जमा करानी होगी। सूत्रों के अनुसार दो पहिया वाहन पर एक माह तक 2०० व एक माह से अधिक समय होने पर 5०० रुपए पेनल्टी राशि वसूली जाएगी। वहीं चौपहिया वाहन पर एक माह तक 5०० व एक माह से अधिक पर 1००० रुपए पेनल्टी राशि वाहन मालिक को देनी होगी। इस पेनल्टी राशि का भुगतान वाहन स्वामियों द्वारा ई-ग्रास के द्वारा ई-मित्र/नेट बैंकिंग के माध्यम से परिवहन विभाग के राजस्व मद में प्रदूषण मद में जमा कराया जाएगा।

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जिला परिवहन अधिकारी धर्मपाल सिंह आसीवाल ने बताया कि वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों को ऑन लाइन करने का काम शुरू हो गया है। कोटा रीजन में काम चल रहा है। बूंदी में टीम ने आकर सर्वे किया है। ऑन लाइन होने के बाद प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं लेने वालों से पेनल्टी राशि वसूली जाएगी। अब तो वाहनों की प्रदूषण जांच अनिवार्य हो जाएगी।

Published on:
10 Dec 2017 01:44 pm