गोठड़ा बांध के भरने के साथ ही कच्ची पाल से सीपेज होने व बांध के ओवरफ्लो पानी से गोठड़ा एवं रोणिजा गांवों के दर्जनों किसानों की 250 से 300 बीघा जमीन पर बोई गई खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई है, जिसके कारण किसानों में मायूसी छाई हुई है।
गोठड़ा. गोठड़ा बांध के भरने के साथ ही कच्ची पाल से सीपेज होने व बांध के ओवरफ्लो पानी से गोठड़ा एवं रोणिजा गांवों के दर्जनों किसानों की 250 से 300 बीघा जमीन पर बोई गई खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई है, जिसके कारण किसानों में मायूसी छाई हुई है।
जानकारी अनुसार तीन साल बाद भारी गोठड़ा बांध के ओवरफ्लो पानी एवं डेढ़ किमी वेस्ट वेयर की कच्ची पाल से के नीचे से हो रहे सीपेज के चलते सैकड़ों बीघा जमीन पर बुवाई गई मक्का, उड़द, तिल्ली, सोयाबीन, गन्ना, धान सहित कई फसलें जलमग्न हो गई। किसान रामदयाल सैनी, राधेश्याम गवारिया, रमेश प्रजापत, बजरंग लाल सैनी,लादूलाल सैनी आदि ने बताया कि बांध के सीपेज एवं अवरफ्लो पानी से फसलों में दो से तीन फिट पानी जमा हुआ है।
फसलें जलमग्न होने से फसलों में व्यापक नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि खेतों में पानी करीब दो से तीन महीने तक जमा रहता है। ऐसे में हर साल उनकी फसलें जलमग्न होकर गल जाती है। गोठड़ा सरपंच राखी झंवर,रोणिजा सरपंच शरमा बाई ने प्रशासन से सर्वे करवाकर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।