बड़ी मशक्कत से निकाला बाहर, दरवाजा खोलने में कर्मचारी चोटिल
बूंदी. जिला अस्पताल की नवनिर्मित मातृ एवं शिशु इकाई की लिफ्ट में मौज मस्ती करना रविवार को तीन किशोरों को भारी पड़ गया।
लिफ्ट ऊपर-नीचे करते समय तकनीकी खामी के कारण अचानक बंद हो गई। जिससे किशोरों की जान आफत में आ गई। करीब एक घंटे तक वे लिफ्ट में ही फंसे रहे।
बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। अस्पताल के विद्युत कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को लिफ्ट से बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 2.30 बजे अजेता निवासी राजेन्द्र भील (17), कटियाड़ी निवासी अनिल मीणा (15) व चेतराम मीणा (12) लिफ्ट में सवार होकर भवन की तीसरी मंजिल पर चले गए।
वहां से नीचे आने के लिए लिफ्ट का बटन दबाया तो तकनीकी खामी के कारण लिफ्ट बंद हो गई। तीनों लड़के बीच में ही फंस गए, इस बात का पता लगने पर अस्पताल में हल्ला मच गया।
अस्पताल के विद्युत कर्मचारी वहां पहुंचे, उन्होंने पहले तो लिफ्ट को चलाने का प्रयास किया। लेकिन नहीं चल सकी। इसके बाद लिफ्ट के बोल्ट खोले और दरवाजे को चौड़ा किया।
इस दौरान दो कर्मचारियों सहित एक अन्य व्यक्ति के हाथ में चोट लग गई। तीनों के हाथ लहूलुहान हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जैसे तैसे दरवाजे को चौड़ा किया और एक-एक करके तीनों लड़कों को बाहर निकाला। करीब साढ़े तीन बजे तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तत्काल भेज दिया था कर्मचारी
तकनीकी खामी के कारण लिफ्ट बंद हो गई थी। तत्काल लिफ्ट के जानकार विद्युत कर्मचारी व हेल्थ मैनेजर को भेज दिया था। कुछ देर बाद उनको सुरक्षित निकाल लिया था।
डॉ.गजानंद वर्मा, पीएमओ जिला अस्पताल बूंदी