जन जन की आस्था से जुड़ी चर्मण्यवती का पानी दूषित हो गया। इसके लिए बनाई जल शुद्धिकरण योजना बजट स्वीकृत होने के दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। इस नदी में शहर के आधा दर्जन गंदे नालों का पानी मिल रहा है।
केशवरायपाटन. जन जन की आस्था से जुड़ी चर्मण्यवती का पानी दूषित हो गया। इसके लिए बनाई जल शुद्धिकरण योजना बजट स्वीकृत होने के दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। इस नदी में शहर के आधा दर्जन गंदे नालों का पानी मिल रहा है। राज्य सरकार ने इन नालों के पानी को ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शुरू कर चम्बल में डालने के 19 करोड़ रुपए स्वीकृत कर वित्तीय व तकनीकी मंजूरी देने के बाद जब संवेदक ने कार्य शुरू करने के लिए नगर निगम कोटा से स्वीकृति मांगी गई। निगम ने पहले राष्ट्रीय चम्बल घडिय़ाल अभ्यारण्य से स्वीकृति पत्र मांग लिया। अब यह क्षेत्र रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में आ गया, जिसकी भी स्वीकृति आवश्यक मानी गई है। बजट की घोषणा दो साल भर बाद भी शुद्धीकरण प्लांट का कार्य शुरू नहीं हो पाया। गंदे नालों के पानी को शुद्ध कर चंबल में डालने के लिए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 के बजट में 19 करोड़ रुपए की लागत के ट्रीटमेंट प्लांट की घोषणा की थी, लेकिन साल भर बाद भी वित्तीय स्वीकृति व तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व से स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। नगर पालिका ने 2020 -2021 में यह योजना बनाकर राज्य सरकार को भिजवा दी थी, जिसकी बजट में घोषणा होने के बाद भी यह धरातल पर नहीं उतर पाई। इससे पहले नाव घाट पर भी दस साल पहले ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत हुआ था, जिसे संवेदक अधूरा छोड़ कर चला गया।
पानी पीने योग्य नहीं रहा
चम्बल नदी पानी कभी शुद्ध पानी रहता था, लेकिन ज्यों ज्यों कोटा का विस्तार होता गया चंबल मैली होती गई। चंबल मैली होने से इसका पानी मटमेला हो गया और अब तो यह आचमान के काम का भी नहीं रहा। गर्मी के समय जब पानी खराब हो जाता है तो इसमें स्नान करने से चर्म रोग की शिकायत भी उत्पन्न होने लग जाती है।
समस्या का समाधान जरूरी
चार दशक पुरानी दूषित पानी की समस्या अब लाइलाज होती जा रही है। चंबल नदी राजराजेश्वर महादेव मंदिर से जम्बूदीप महादेव मंदिर तक कचरे से अटी हुई है। गंदे पानी के नालों के साथ साथ शहर की गंदगी भी यहीं डाली जाती है, जिससे नदी के किनारे सड़ांध मारने लग गए हैं। चम्बल नदी में समाजसेवी श्रमदान करते रहते हैं, लेकिन वह खानापूर्ति बनकर रह गया।
चंबल नदी शुद्धिकरण के लिए स्वीकृति ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ने काम रोक दिया गया है। इसकी ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही कार्य हो सकता है। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक एवं जनप्रतिनिधियों संपर्क कर किया गया है।
कन्हैयालाल कराड़, अध्यक्ष, नगर पालिका, केशवरायपाटन