
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बूंदी/ बड़ानयागांव. क्षेत्र में बरसात ने क्षेत्र के किसानों के मुंह से निवाला छीनने के साथ उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। बरसात से फसलों में काफी हद तक खराबा होने से क्षेत्र के किसान खराब हुई फसलों को देखकर काफी हताश नजर आए। क्षेत्र में बरसात से धान, मक्का, उड़द की फसल में ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने फसलों को काटकर खेत पर पटक रखा था। लेकिन बरसात से खेत में पड़ी फसलें जलमग्न होकर खराब हो गई। कस्बे के किसान भंवरलाल कुमावत ने बताया कि बरसात से पककर तैयार होने की कगार पर पहुंची 5 बीघा धान की फसल नष्ट हो गई है। धान की पैदावार से आगामी दिनों में अधूरे पड़े मकान का निर्माण कार्य को पूरा करवाने की सोच रखी थी। लेकिन बरसात ने उम्मीद पर पर पानी फेर दिया है।
किसान पप्पू लाल सैनी भीमराज कुमावत वार्ड पंच प्रकाश साबलिया ने अरविंद कुमावत बताया कि बरसात से फसलों में खराबा होने से गुणवत्ता कमजोर होने के साथ काफी हद तक पैदावार प्रभावित होगी। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को इस बार फसलों में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हजारी लाल कुमावत पंचायत समिति सदस्य चिरंजीव कुमावत ने जिला प्रशासन से खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर किसानों को राहत प्रदान करने के लिए मुआवजा देने की मांग उठाई। बड़ानयागांव सहायक कृषि अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया बरसात से धान की फसल में अधिक नुकसान पहुंचा है। फसलों में नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
सड़ने लगी फसलें
केशवरायपाटन क्षेत्र में तीन दिनों से चल रही बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा। यहां देर रात से ही कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश चल रही है। दो दिन से तो तेज धूप और सूर्यदेव के दर्शन को भी लोग तरस रहे हैं। किसानों ने बताया कि धूप नहीं निकली तो सोयाबीन ढेरों में ही अंकुरित होने लग जाएगा जो किसी भी काम का नहीं रहेगा। इस बीच पंचायत समिति उप प्रधान बद्री लाल मीणा के नेतृत्व में केशव नगर निमोठा, लाखेरी खुर्द क्षेत्र में हुए नुकसान का सर्वे करवाने की मांग को लेकर किसानों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया। मीणा ने बताया कि क्षेत्र में सोयाबीन, धान की फसल 90 प्रतिशत नष्ट हो चुकी है। किसानों के सामने आर्थिक संकट हो गया है।
लगातार हो रही बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
खटकड़ क्षेत्र में रविवार को भी बरसात हुई। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। सुबह आठ बजे बाद ही हल्की बरसात शुरू हुई जो एक घंटे तक जारी रही। बाद में दोपहर 12 बजे बाद फिर से मध्यम दर्ज की बरसात शुरू हुई। जो 2 बजे तक जारी रही।
बढ़ती जा रही मवेशियों, धरतीपुत्रों की परेशानी
गेण्डोली क्षेत्र में बैमौसम हो रही बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही है। चार-पांच दिन से हो रही बारिश मवेशियों व काश्तकारों के लिए आफ़त बनी हुई है। बरसात के कारण मवेशी चारे एवं खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे वहीं काश्तकार खेतों में पक कर तैयार खड़ी एवं कटकर आड़ी फसलों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं। गूंथा, गेण्डोली, महुआ, नयागांव, गेण्डोली कलां गांवों में दर्जनों काश्तकारों के खेतों में धान व सोयाबीन की कटी हुई फसलें बरसाती पानी में डूबी हुई है। उनकी मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। गेण्डोली खूर्द गूंथा, व गेण्डोली कला में तालाब के निकटवर्ती खेतों में भी बरसात के पानी का रिसाव शुरू हो जाने से खेतों में रबी की बुआई किया जाना मुश्किल हो गया है।
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उफ! ये बारिश, उम्मीदों को झटका
तलवास क्षेत्र में दो दिनों से चल रही बरसात ने किसानों की उम्मीद तोड़ दी है। बारिश से सब कुछ खराब हो गया। अब किसानों में सरकार से मुवावजे की मांग उठने लगी है। क्षेत्र में सभी फसले अच्छी थी तो किसानों को उम्मीद थी कि यह साल अच्छा होगा। पर इन दिनों क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का, उड़द की फसलें खराब होने से मंजर ही बदल गया। अब किसान निराश हैं। किसानों ने बताया की उड़द पहले ही खराब हो गई, अब सोयाबीन की फसल भी खत्म होने की कगार पर है। किसानो ने सरकार से खराबे का जल्द आकलन कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
सुवासा क्षेत्र में किसानों की फसल बर्बाद
सुवासा क्षेत्र के लाडपुर, चितावा, बाजड़, देहित, तीरथ के गांवों में बरसात के चलते खेतों में पानी भर गया है। किसान मांगीलाल सरदार ने बताया की उसकी 80 बीघा धान की फसल पूरी आड़ी पड गई है। 3 दिन की बारिश से काफी नुकसान है। खेतों में पानी भर गया है। सरपंच प्रियंकापुरी, बाजड सरपंच नाथू लाल बेरवा, लाडपुर सरपंच राम शंकर, चितावा सरपंच पूजा बेरवा, देहित सरपंच आनंदीलाल मीणा, तीरथ सरपंच रणवीर सिंह अटवाल ने बताया क्षेत्र में आधे से ज्यादा धान की फसल है। जो बारिश के चलते आड़ी पड़ गई है।
फसलें पानी में डूबी
नोताडा कस्बे सहित क्षेत्र लगातार तीसरे दिन भी बरसात का दौर जारी रहा रविवार को कभी तेज तो कभी हल्की बारिश ने किसानों को खून के आंसू रूलाकर रख दिया। खेतों में कटकर पड़ी सोयाबीन की फसलें पानी में डूबती देखकर किसान परिवार बरसात में ही खेतों में पहुंचकर कटकर पड़ी फसल के ढेरों को उठा उठाकर मेड पर रखते हुए नजर आए।
केशवरायपाटन में फसलों की तैयारी के समय अचानक मौसम बिगड़ने से फसलें बर्बाद हो गई। दीपोत्सव से पहले फसलें नष्ट होना व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली माना जा रहा है। देश प्रबोधिनी एकादशी से शादी विवाह पर लगी रोक भी खुलने वाली है। फसलें नष्ट का प्रभाव हर वर्ग को झेलना पड़ सकता है। शादी विवाह में भी दिल खोल कर खर्च करते थे। इस बार बारिश ने किसानों की फसलें नष्ट कर दी। जिसका असर आने वाले समय में नजर आ सकता है। विष्णु चित्तौड़ा, किराना व्यापारी
इस बार सोयाबीन, धान में नुकसान का असर व्यापार में अभी से नजर आने लग गया है। लोगों के साथ ही खाली रहेंगे तो बाजार में भी आवश्यकता अनुसार ही खर्च करेंगे।
नितिन गुलाटी, कपड़ा व्यापारी
बेमौसम बारिश ने सभी का व्यापार प्रभावित कर दिय्रा। खरीफ की फसल किसानों के लिए लाभकारी हो तो बाजार में भी व्यापार चलता है।
राजकुमार कहालिया, सर्राफा व्यापारी