क्षेत्र में सोमवार शाम को हुई ओलावृष्टि ने उपखण्ड के एक दर्जन गांवों में खेतों में खड़ी फसलों में तबाही मचा दी। बीस मिनट से भी अधिक समय तक अंधड़ व बरसात के साथ गिरे नींबू के आकार के ओले गिरने से गेहू, चने व कलौंजी की फसलें चौपट हो गई।
नैनवां. क्षेत्र में सोमवार शाम को हुई ओलावृष्टि ने उपखण्ड के एक दर्जन गांवों में खेतों में खड़ी फसलों में तबाही मचा दी। बीस मिनट से भी अधिक समय तक अंधड़ व बरसात के साथ गिरे नींबू के आकार के ओले गिरने से गेहू, चने व कलौंजी की फसलें चौपट हो गई। सब्जियों की फसलों के तो नामों निशान नहीं बचे। वही खेतों में कटकर पड़ी सरसों की फसल भी खराब हो गई। ओलावृष्टि की मार ऐसी थी कि पेड़ों पर पत्तियां तक नहीं बची और पक्षियों के घोंसले नीचे आ गए। ओलों की मार से कई पक्षी भी काल कल्वित हो गए।
उपखण्ड के चेनपुरिया गांव से धानुगांव के बीच के क्षेत्र चेनपुरिया, बिजलबा, हनुवंतपुरा, सुवानिया, धानुगांव, पांडुला, खोलाडा, धीरपुर, पीपरवाला, सुन्थली, धानुगांव में खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। कई खेतों में तो आधा-आधा फीट तक जमा हो गया, जो मंगलवार को 24 घण्टे बाद भी पिघल नहीं पा रहे थे।
सुवानिया में फसल बर्बाद
सुवानिया गांव में गेहूं की फसल पूरी तरह तबाह मिली। किसान सत्यनारायण धाकड़ के खेत में खड़ी 16 बीघा गेहूं व रजका की फसल, महावीर धाकड़ के खेत में दस बीघा गेहूं, मोहन नागर की सात बीघा जौ, बालू धाकड़ की 6 बीघा कलौंजी, महावीर व मुकेश खाती की आठ बीघा गेहूं की फसल नष्ट हुई मिली। गांव में अन्य किसानों के खेतों में भी यही हाल बने हुए थे।
बिजलबा में खेतों में कुछ भी नहीं बचा
चेनपुरिया से बिजलबा गांवों के बीच तो दूसरे दिन भी तबाह हुई गेहूं व सब्जियों की फसलों पर पड़े और पिघल तक नहीं पाए थे। बिजलबा निवासी रामरतन के खेत में तों बीस घण्टे बाद भी ओलों की परत जमा थी। सोभागमल मीणा के फार्म हाउस पर ओलों की मार से पोलीहाउस फट गया, जिससे कलौंजी, के साथ मिर्ची, टमाटर, तरबूज व खरबूज की फसलें तबाह हो गई। पोलीहाउस के नीचे भी मंगलवार को भी ओलों की परतें जमी हुई थी। बिजलबा निवासी वार्ड पंच सद्दाम हुसैन, रामनारायण सैनी सहित अन्य किसानों ने उनके खेतों में तबाह हुई फसलें दिखाई।
चेनपुरिया में हुई फसलों की बर्बादी
चेनपुरिया निवासी शिवराज नागर, सत्यनारायण, रामस्वरूप दुर्गालाल शर्मा ने बताया कि खेतों में तबाह हुई गेहूं की फसलें दिखाते हुए कहा कि बीस मिनट तक अंधड़ के साथ बीस मिनट तक नींबू के आकार के ओलों की बरसात होने से सभी फसलें चौपट हो गई।
हनुवंतपुरा के हाल
हनुवंतपुरा गांव में भी ओलावृष्टि से हुई फसलों की तबाही का नजारा देखने को मिला। गांव के किसान कमल, पवन, शोजीलाल, लोकेश, प्रहलाद सहित अन्य किसानों ने बताया कि फसल चौपट होने से उम्मीदों पर पानी फिर गया। खेतों में प्रति बीघा आठ से दस क्विंटल गेहूं की पैदावार होने की उम्मीद थी, उन खेतों में एक भी दाना नहीं बचा है।
इन गांवों में सर्वाधिक नुकसान
धानुगांव, धीरपुर, पांडुला, पीपरवाला व खोलाडा गांवों में भी ओलावृष्टि से गेहूं के साथ चने व रजके की फसल भी चौपट हो गई। सर्वे के आदेश दिए है। तहसीलदार रामराय मीणा ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान होने की जानकारी सोमवार शाम को मिलते ही पटवारियों को गांवों में भेजकर फसलों में हुए खराबे का सर्वे करने के आदेश दे दिए।