बूंदी

युवा निभा रहे स्वच्छता की जिम्मेदारी, अब विरासत बचाने की जनता की बारी

पर्यटन स्थलों की बेकद्री होते देख युवाओं ने विरासत को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है।

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Jan 02, 2026
बूंदी. शहर के एक कुण्ड पर श्रमदान करते युवा।

बूंदी. पर्यटन स्थलों की बेकद्री होते देख युवाओं ने विरासत को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है। शहर का मुख्य व्यवसाय पर्यटन है, लेकिन शहर में जगह जगह गन्दगी होने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा था। इससे व्यथित हो कुछ युवाओं ने इन स्थलों को संवारने व पर्यटन बढ़ाने का बीड़ा उठाया और जुट गए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने स्व‘छता के प्रति युवाओं के कार्यो की जमकर सराहना की है, जिससे उम्मीद बंधी है कि बूंदी का पर्यटन नई उड़ान भरेगा।

एक दर्जन स्थान किए चकाचक
रामेष्ट युवा मंडल के अध्यक्ष शिखर पंचोली ने संस्थान के 7 लोगों के साथ शुरुआत की थी। अब 50 युवा इस अभियान में जुटे हुए है। इसी तरह शहर के गाइड एसोशिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह डोकुन, द नाहर संस्था के संजय खान, कोटा कम्युनिटी गुलशन मनवानी भी अपनी टीम के साथ पर्यटन स्थलों, कुंड-बावड़ियां को चमकाने में लगे है। इन युवाओं का जज्बा देख होटल फेडरेशन बूंदी के आलोक दाधीच व भगवान मण्डोवरा ने भी सहयोग करते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए दुकानदारों को डस्टबीन वितरित किए और प्रचार प्रसार के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगो की समझाइश कर रहे है।

ये संस्थाएं मिलकर अब तक सूरज छतरी, दधिमती बावडी, गुल्ला बावडी, नागर सागर कुंड, नरु की बावडी, जमनाजी की बावडी, रानीजी की बावडी, सुखमहल, अनारकली बावडी, भूतेश्वर महादेव बावडी, शिकार बुर्ज, स्मृति कुंज, चौरासी खम्भों की छतरी,धाभाई कुंड व मुख्य बाजारों में श्रमदान कर चुकी है और जनता में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित कर रहे है।

कुण्ड का जीर्णोद्वार भी करवाया
जागरूकता अभियान से जुड़े नारायण मण्डोवरा ने बताया कि विरासत के प्रति बूंदी का युवा जागरूक हुआ है। युवाओं की विरासत के प्रति प्रेम देख भूतेश्वर महादेव स्थित कुंड में समिति की ओर से रिनोवेशन के कार्य करवाए जा रहे है । समिति के संतोष ङ्क्षजदल ने बताया कि कुंड की दीवार पर जलियां लगवाई गई है।

आमजन से भी कुंड में कचरा नहीं डालने की अपील कर रहे है। अपने शहर को स्वच्छ रखेंगे तो पर्यटक बढ़ेंगे इस वर्ष सबने मिलकर स्वच्छता का बीड़ा उठाया है जिसके परिणाम भी जल्द देखने को मिलेंगे। बूंदी की जनता स्वच्छता के प्रति जागरूक हो जाए तो बूंदी पर्यटन में सिरमौर हो जाए।

जिम्मेदार भी दे ध्यान
इस वर्ष बूंदी ने पर्यटन में कई उतार चढ़ाव देखे है। कोरोना के बाद से ही पर्यटन व्यवसाय पटरी पर नही लौट पाया। जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी नही निभाई। पर्यटन विभाग ने शहर के कई कुंड बावडिय़ों में रिनोवेशन के कार्य करवाये है, जिससे उम्मीद जगी थी की अब विरासत चमकेगी तो पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, लेकिन जिम्मेदारों ने इस पर पानी फेर दिया। सभी पर्यटन स्थलों के बाहर कचरा पॉइंट बना दिए गए। इससे निराश पर्यटक भी बूंदी से किनारा करने लगे है।

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