बुरहानपुर

ताप्ती का पानी रोकने के लिए किया बोरीबंधान, गर्मी में मिलेगीराहत

- जसलीन कीर सहित कई नेता हुए शामिल
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 Boribandhan to stop Tapti water, will get relief in summer
Boribandhan to stop Tapti water, will get relief in summer

बुरहानपुर. गर्मी में पानी की बढ़ती किल्लत को देखते हुए ताप्ती के राजघाट पर बोरीबंधान का काम शुरू किया गया है। रविवार को प्रशासनिक अफसरों के साथ कांग्रेस नेता जसलीन कीर के साथ बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता यहां पहुंचे।
कलेक्टर राजेश कौल के साथ यहां बोरीबंधान का काम किया गया। जसलीन कीर ने कहा कि हमारे शहर के अधिकांश क्षेत्र में ताप्ती किनारे किए गए ट्यूबवेल से पानी सप्लाय होता है, ऐसे में गर्मी के मौसम में बोरिंग का जल स्तर गिरने से पानी सप्लाय में खासी कटौती हो जाती है। बोरीबंधान होने से ताप्ती का जल स्तर बना रहेगा इससे ट्यूबवेल भी रिचार्ज होते रहेंगे। इससे कई हद तक हमें जल संकट से राहत मिलेगी। इस दौरान रुपेंदरसिंह कीर, ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष किशोर महाजन, अशोक पाटील, हेमंत पाटील, अभय चौधरी, निंबोला सरपंच पप्पू पाटील, मंगला पाटील रिंकु टांक, मराठा जिला अध्यक्ष आशीष भगत, अजय बालापुरकर, राजेश भगत आदि मौजूद थे।
गायत्री परिवार ने किया श्रमदान
ताप्ती नदी के राजघाट पर श्रमदान के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा मंडल, प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल आदि ने पांचवीं बार पुन: श्रमदान में भाग लिया। श्रीराम गुरुकुल के बालकों ने भी श्रमदान में पसीना बगाया। रविवार सुबह 7.30 से 1.30 तक श्रमदान किया। होमगार्ड विभाग, मदरसे के 200 विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भी डॉ. तारीक अहमद के नेतृत्व में भागीदारी की। गायत्री परिवार के बसंत मोंढे ने कहा कि जल ईश्वर की मानव जाति को दी गई अमूल्य संपत्ति है जिसे सहने की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति की है जल को हम बना नहीं सकते केवल इसे बचा करें सकते हैं। हमारी संस्कृति में जल के महत्व को पुरातन काल से ही हमारे पूर्वजों ने पहचाना था यही कारण है कि हमने जल को वरुण देव के रूप में पूजित किया। दुनिया भर की संस्कृति का अध्ययन करें तो समस्त संस्कृतियों का विकास नदियों के किनारे हुआ है, इसीलिए नदियों को हमने मां की संज्ञा दी है। आज विलुप्त होती हुई हमारी सांस्कृतिक धरोहर इन नदियों को बचाने का कार्य हम सबको आगे बढ़कर हाथ में लेना होगा।
यह बोले कलेक्टर
कलेक्टर राजेश कोल ने कहा कि ये हम सबके लिए विचारणीय प्रश्न है कि जो शहर मां ताप्ती के तट पर बसा हो वहां हर गर्मी में जल संकट एक भीषण समस्या के रूप में नजर आती है उसका मूल कारण हमने मां ताप्ती के बहते जल की उपेक्षा किंतु अब यह बात बहुत सुखद है कि मां ताप्ती के बहते हुए जल को सहेजने के लिए किए जा रहे बोरी बंधन में अब पूरा शहर आगे आ रहा है।

Published on:
11 Feb 2020 06:01 am