
Banana Price (किसानों के लिए राहत Photo Source- Patrika)
Burhanpur News : लंबे समय से केला फसल को लेकर परेशान किसानों के लिए मंडी से राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी त्योहारों को देखते हुए केले की डिमांड बढ़ गई, लेकिन केला फसल प्रभावित होने से आवक पर असर पड़ा है। ऐसे में केले के भाव में तेजी आई है। मौजूदा भाव पर गौर करें तो ये अधिकतम 2221 रुपए क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जबकि न्यूनतम भाव 901 तक रहे हैं।
जिले में केला किसानों को फिर एक बार अच्छे दाम मिले हैं। त्योहारी सीजन में केले की मांग में बढ़ोतरी होने के साथ ही इसके दाम भी बढ़ गए हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर को केला पहुंचाने वाले बुरहानपुर में किसानों की उम्मीदें फिर से जागी हैं। दाम में तेजी आने के बाद किसानों को फिलहाल अच्छे भाव मिल रहे हैं। एक महीने पहले तक केला प्रति क्विंटल 1200 रुपए तक बिका था। केले की आवक रोजाना 230 गाड़ियों के करीब रही है।
केले के दाम में हुई बढ़ोतरी का कारण आगामी रक्षाबंधन, गणेशोत्सव और नवरात्र का त्योहार है। आगे भी अब इसके दाम बढ़ने की बात केला व्यापारियों द्वारा कही जा रही है। इससे किसानों को राहत की उम्मीद बढ़ी है।
जून के महीने में आई प्राकृतिक आपदा से लगभग 107 करोड़ रुपए की केला फसल को नुकसान हुआ था। लगभग 8300 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। इसी नुकसान के कारण आवक पर खासा असर पड़ा, क्योंकि अगस्त तक ये फसल निकल जाती। अब मंडी में आवक कम होने से भाव में खासा उछाल आया है।
निमाड़ की उपजाऊ धरती पर ऊगने वाले बुरहानपुर के प्रसिद्ध केले को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) प्राप्त होने से जिले ने कृषि क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल कर ली है। इससे आगामी समय में केले को और बेहतर दाम मिलेंगे। जीआई टैग मिलने के साथ ही बुरहानपुर का केला अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी विशिष्ट पहचान के साथ स्थापित करेगा।
साल 1960 के आसपास शुरू हुई केले की खेती आज जिले की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। अनुकूल जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां उत्पादित केला अपने विशिष्ट स्वाद, आकर्षक रंग और उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान में जिले के लगभग 18640 किसान केले की खेती से जुड़े हैं। करीब 26120 हेक्टेयर क्षेत्र में होने वाली इस खेती से प्रतिवर्ष लगभग 1828 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। इन इकाइयों में केले से विभिन्न प्रकार के मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मांग में भी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी। बुरहानपुर केले को जीआई टैग मिलना जिले के कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
केला व्यापारी रिंकु टांक ने बताया कि, आगामी त्योहार के कारण इस सीजन में पहली बार भाव 2 हजार पहुंचे हैं। आवक कम है, जबकि डिमांड ज्यादा है। इसलिए भाव में उछाल आया है। आगे भाव और बढ़ने वाले हैं।
Updated on:
19 Aug 2026 01:10 pm
Published on:
19 Aug 2026 01:10 pm
