
बुरहानपुर. पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी अभियान में बुरहानपुर पुलिस द्वारा विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया गया है। मंगलवार को जिले के 113 विद्यालयों के कुल 32,002 विद्यार्थियों ने भाग लेकर नशे के विरुद्ध सामूहिक जनसंकल्प का संदेश दिया। नवोदय विद्यालय, बुरहानपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एक ही समय पर अपने हाथों से नशामुक्ति संबंधी संदेश लिखे, उन पर हस्ताक्षर किए तथा नशीले पदार्थों से दूर रहने, अपने साथियों को जागरूक करने और परिवार एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की शपथ ली।
इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा एक साथ हस्तलिखित नशामुक्ति संदेश लिखकर हस्ताक्षर करने की इस विशिष्ट उपलब्धि को वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदनमें विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रेषित किए गए हैं। रिकॉर्ड प्रयासों के लिए दस्तावेजी प्रमाण, फोटो, वीडियो, मीडिया कवरेज और सत्यापन की व्यवस्था रखता है। कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के साथ विधायक अर्चना चिटनिस विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अतिथियों ने विद्यार्थियों के अनुशासन, ऊर्जा और सामाजिक दायित्व-बोध की सराहना करते हुए इसे बुरहानपुर के स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
हस्तलिखित संदेश का विशेष महत्व
यह आयोजन केवल एक बड़े आंकड़े अथवा रिकॉर्ड प्रयास तक सीमित नहीं है। अपने हाथों से संदेश लिखना विद्यार्थियों को नशामुक्ति के विचार से व्यक्तिगत रूप से जोड़ता है। लिखा गया प्रत्येक शब्द और किया गया प्रत्येक हस्ताक्षर बच्चों के भीतर नशे के विरुद्ध नैतिक चेतना, आत्मनियंत्रण और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव को मजबूत करता है।
जब एक विद्यार्थी स्वयं लिखता है—"नशे से दूरी है जरूरी"—तो वह संदेश उसके लिए केवल नारा नहीं रहता, बल्कि व्यक्तिगत संकल्प का रूप लेता है। यही संकल्प आगे चलकर परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय और समाज में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन का आधार बनता है।
32,002 संकल्पों की सामाजिक शक्ति
बुरहानपुर के 32,002 विद्यार्थियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि नशामुक्ति की लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा अभियान है। बच्चों को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम रोकथाम-आधारित पुलिसिंग, जनसहभागिता और सकारात्मक सामाजिक हस्तक्षेप का प्रेरक उदाहरण है। विद्यार्थी समाज के सबसे प्रभावशाली संदेशवाहक हैं। वे अपने घरों में माता-पिता, भाई-बहनों और अन्य परिजनों तक नशे के दुष्परिणामों की बात पहुंचाते हैं तथा अपने साथियों को गलत संगति और नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इस प्रकार यह पहल विद्यालय परिसर से आगे बढकऱ हजारों परिवारों तक पहुंचने वाली जनचेतना का माध्यम बनेगी।
वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन उपलब्धि की प्रविष्टि भेजे जाने से बुरहानपुर के नशामुक्ति अभियान को व्यापक पहचान मिलने की संभावना है। इससे जिले की सकारात्मक छवि सुदृढ़ होगी तथा अन्य जिलों, संस्थाओं और युवा संगठनों को भी नशे के विरुद्ध रचनात्मक, सहभागितापूर्ण और बच्चों-केंद्रित अभियान चलाने की प्रेरणा मिलेगी वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदनअपने प्रमाणित रिकॉर्डों के लिए आधिकारिक प्रमाणपत्र निर्देशिका भी रखता है।