
बुरहानपुर. वन स्टॉप सेंटर और पुलिस की पहल से एक मानसिक रोगी युवती को परिवार से मिलाया गया। 5 दिनों से यह युवती सेंटर पर अफसर बनकर रह रही थी। युवती की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया तो ये महाराष्ट्र के लातूर जिले के कसर गांव की निकली। परिजनों को बुरहानपुर बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया।
दरअसल 7 फरवरी के दिन इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर ग्राम निंबोला में रात 9.30 बजे 27 वर्षीय युवती पुलिस को घूमते हुए मिली थी। युवती मानसिक रोगी होने से पुलिस ने जिला अस्पताल के वन स्टाफ सेंटर पर पहुंचाया। उसके परिजनों की तलाश करने के लिए निंबोला पुलिस और वन स्टॉप सेंटर द्वारा सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया। दो दिन पूर्व ही युवती के परिजनों की पहचान महाराष्ट्र के लातूर जिले से हुई। एसआइ हंसकुमार ने बताया कि परिजन ने बातचीत में बताया कि युवती पूर्व में भी घर से निकल गई थी। मानसिक रोगी होने से परिजन भी तलाश कर रहे थे।
एमएससी पास, खुद को अफसर बताया
वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रेखा भुंडवे ने बताया कि युवती एमएससी पास है, यह खुद को अफसर बताती है। इसलिए इसकी देखभाल के लिए उसे हम भी उसे अफसर की तरह संभालते रहे। मानसिक रूप से कमजोर होने से 5 दिनों से सेंटर पर युवती सोशल मीडिया के माध्यम से काफी प्रयास के बाद उसके परिजन का पता लगा।
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नाबालिग से रचाया प्रेम विवाह- प्रेमी को पहुंचाया जेल
वन स्टाफ सेंटर पर दूसरा गंभीर मामला भी सामने आया। एक युवक ने 17 वर्षीय किशोरी से प्रेम विवाह रचा लिया। लेकिन परिजन की शिकायत पर प्रेमी को पकड़कर धारा 376 में जेल पहुंचा दिया गया। जबकि किशोरी ने अपने परिजनों के साथ घर जाने से इनकार किया तो पुलिस उसे वन स्टाफ सेंटर ले पहुंची। जहां उसे अब बालिका गृह इंदौर या उज्जैन भेजने की तैयारी की जा रही है। दरअसल नेपानगर थाना क्षेत्र की 17 साल की किशोरी से भिकनगांव के युवक ने विवाह रचा लिया। लड़की के परिवार ने थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने युवक को बलात्कार के मामले में जेल भेज दिया, लेकिन बालिका अपने परिवार के साथ नहीं रहना चाहती है, इसलिए एक सप्ताह से अधिक समय से वन स्टॉप सेंटर पर ही रखा गया है।