
Dengue and malaria in Burhanpur. मौसम में आए बदलाव के चलते वायरल संक्रमण के साथ शहर में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। जिले में पिछले 9 माह में डेंगू के 14 और मलेरिया के 2 नए मरीज सामने आए हैं। खासकर ऐसे समय में जब मौसमी वायरल संक्रमण भी फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ाते हुए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए नगरीय निकाय सहित पंचायतों को फॉगिंग के लिए पत्र लिखा है, लेकिन शहर में फॉगिंग नहीं हो रही।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू का नया केस 10 अक्टूबर को ग्राम बहादरपुर से सामने आया था। जनवरी से अभी तक शहरी क्षेत्रमें 8 और ग्रामीण क्षेत्र में 6 डेंगू के पॉजिटिव केस सामने आए है।निजी अस्पताल से मलेरिया पॉजिटिव दो केस मिलने की पुष्टि की गई है।बारिश थमने के बाद मच्छरों का प्रकाप बढऩे के साथ डेंगू,मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।वायरल संक्रमण का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों का भी मलेरिया टेस्ट कर रहे है। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। क्षेत्र में तत्काल सर्वे के लिए टीम भेजकर आसपास के घरों का लार्वा सर्वे जा रहा है।
नहीं मिल रही गैंबूसिया मछली, लिख रहे पत्र
स्वास्थ्य विभाग मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों को रोकने के लिए आसपास के क्षेत्रों के पानी में गैंबूसिया मछली डालता है, लेकिन विभाग को इस साल मछली नहीं मिल रही। पहले बैतुल से बुलाते है, लेकिन अब वहां पर मौजूद नहीं है।जबकि यह मछली पानी की ऊपरी सतह पर पनपने वाले मच्छरों के अंडों और लार्वा (भ्रूण) को खा जाती है, जिससे मच्छर वयस्क बनने से पहले ही खत्म हो जाते हैं। मछली एक दिन में करीब 100 से 300 लार्वा खा सकती है। जबकि विभाग मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए फॉगिंग के लिए पत्राचार ही कर रहा, लेकिन कही भी फॉगिंग होती दिखाई नहीं दे रही है।
वायरल संक्रमण में बुखार के केस बढ़े
बारिश थमने के बाद संक्रमित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में खुले स्थान और प्लॉटों पर पानी की निकासी नहीं होने से जलभराव के बाद गंदगी दिखाई दे रही है।वायरल संक्रमण में बुखार के साथ शरीर में दर्द और अन्य समस्या होने पर लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे है।अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की स्थिति दोगुना हो गई है।