बुरहानपुर

कम रेट में प्लाट देने का लालच देकर मजदूरों से जमा कराए रुपए, 168 प्लाटों को 250 लोगों में कर दिया विक्रय

- प्लाटधारकों ने की धोखाधड़ी की शिकायत- हमीदपुरा क्षेत्र का मामला
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 Greed to give plots at a lower rate, deposited rupees from laborers, reduced 168 plots to 250 people
Greed to give plots at a lower rate, deposited rupees from laborers, reduced 168 plots to 250 people

बुरहानपुर. हमीदपुरा क्षेत्र में सस्ती कीमत पर जमीन (प्लाट) देने का लालच देकर धोखाधड़ी करने की शिकायत थाने तक पहुंची। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कॉलोनी में १६८ प्लाट काटने के बाद २५० लोगों को रजिस्ट्री और सौदा चिट्ठी के माध्यम से विक्रय किए गए। प्लाट धारकों निर्माण शुरू करने पहुंचे तो खुद के साथ ठगी होने का अंदेशा हुआ। इसके बाद सभी प्लाट धारक खेत मालिक और दलाल के खिलाफ थाने में शिकायत की गई।
गणपति थाना प्रभारी चैनसिंह उईके ने बताया कि खेत की भूमि पर कॉलोनी बनाकर प्लाट देने के नाम पर धोखाधड़ी करने की प्लाट धारकों ने शिकायत की गई है। खेत मालिक कस्तुराबाई, रूपचंद दिलावरे और दलाल शेख जावेद पिता शेख बाबू ने मिलकर खुली भूमि पर ४०० वर्गफीट के छोटे प्लाट बनाकर विक्रय की शिकायत मिली। बताया कि प्लाट धारकों के साथ धोखाधड़ी करते हुए प्लाटों पर दो से अधिक लोगों के नामों पर रजिस्ट्री और सौदा चिट्ठी कर दी गई। प्लाट धारक जब निर्माण शुरू करने के लिए पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ। ५० से अधिक प्लाट धारकों ने थाने पहुंच कर शिकायत की है। मामले की जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
निरक्षर और मजदूर वर्ग का उठाया फायदा
प्लाट धारक वसीम उद्दीन, मोहमद रियाज, सैयद रेहान, सैयद नवेद ने बताया कि खेत में कॉलोनी काटने के लिए दलाल शेख जावेद ने लोगों को भूमि दिखाई। निरक्षर और मजदूर वर्ग के लोगों को सस्ते प्लाट देने का लालच देकर ५० हजार से लेकर ७० हजार रुपए तक लिए गए। यहां पर १९८६ से लेकर अब तक प्लाटों का विक्रय किया जा रहा है। एक ही भूमि की रजिस्ट्री करने के नाम सौदा चिट्ठी पर कर दी गई। प्लाट मालिक और दलाल एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे है। प्लाटों के नाम पर लाखों रुपए मजदूर वर्ग से लेने के बाद भी प्लाट नहीं दिए जा रहे हंै।
- खेत की भूमि पर प्लाट देने के नाम पर धोखाधड़ी करने की शिकायत आई है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चैनसिंह उईके, गणपति थाना प्रभारी
- मैं ६ माह से बीमार हूं, खेत में प्लाट नहीं होने के बाद भी दलाल ने प्लाट बेच दिए है। दलाल ने ही कबाड़ा किया, उसी के पास सभी के कागज है। हमने किसी को प्लाट भी नहीं बताए हैं।
रूपचंद दिलावरे, प्लाट विक्रेता
- प्लाट विक्रय करने में सिर्फ दलाली करता था, ३० साल पहले ही खेत के प्लाट बेच दिए गए थे। २०१५ से मैंने कार्य शुरू किया। खेत मालिक ने खाली प्लाट बताकर डबल बेच दिए है।
शेख जावेद, दलाल

Published on:
14 Mar 2020 06:02 am