बुरहानपुर

हादसों का पर्याय बना इंदौर-इच्छापुर हाईवे, फिर एक की मौत, चार घायल

- अंधे मोड़ पर बैरिकेट्स तक नहीं, थोड़ा सा चुके तो गईजान - असीर और दहीनाला के बीच दिल दहला देने वाला सड़क हादसा- दो वाहनों की भयंकर भिड़ंत में दो की मौत, ३ घायल- घंटों तक बाधित हुआ यातायात
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Indore-Ispatpur Highway synonymous with accident, then one killed, fo
Indore-Ispatpur Highway synonymous with accident, then one killed, fo

बुरहानपुर. इंदौर-इच्छापुर राज्य मार्ग किलर-वे बन गया है। बुरहानपुर से कटी घाटी तक ३० किमी की सड़क में ५० अंधे मोड़ लोगों की जान ले रहे हैं। आए दिन यहां दुर्घटनाएं होने से हंसते-खेलती जिंदगी मौत के मुंह में समा रही है। गुरुवार को फिर हादसे में एक की मौत तीन घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्तीकराया है।
पंधार नाले के पास कंटेनर और ट्रक की आमने सामने भिड़ंत होने से कंटेनर चालक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसा इतना खतरनाक था कि कंटेनर की चादर काट कर शव को बाहर निकाला गया। 108 एबुलेंस से घायलों को अस्पताल भेजने के बाद शव को पीएम के लिए भेजा गया।
एसआई गोवर्धन मुनिया ने बताया कि गुरुवार सुबह 9:30 बजे इंदौर ईच्छापुर हाईवे पंधार नाले के पास बिस्किटलेकर हैदराबाद से दिल्ली जा रहे कंटेनर क्रमांक एचआर 55 पी 2910 और ट्रक क्रमांक यूपी 11 एके 6 359 की आमने सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में कंटेनर चालक टिंकु उर्फ गोरूपाल पिता शंकर 25 वर्षीय निवासी अलीगढ़ आकोला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कंटेनर में सवार परिचालक रिंकु पिता मनीराम 28 वर्षीय, अलीगढ़ आकोला एवं अशोक पिता गोवर्धन 30 वर्षीय निवासी वसाब राजस्थान भी घायल हो गया। वहीं दूसरे ट्रक में सवार वजीद खान पिता साहीद खान 30 वर्षीय एवं सादिक खान पिता यासीन खान दोनों निवासी साहनपुर भी घायल हुआ। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चादर काट कर निकाला चालक का शव
निंबोला पुलिस के अनुसार दुर्घटना के समय दोनो ही वाहन तेज स्पीड में होने से अंधे मोड़ पर आमने सामने हो गए। दोनो वाहनो का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद कंटेनर की चादर काट कर चालक और परिचालक को बाहर निकला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। निंबोला पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी हैं।
यह है डेंजर जोन-
हाइवे पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं बोलती पहाड़ी के पास होती है। जहां तीन किमी में लगातार चार अंधे मोड़ आते हैं। यह डेंजर जोन में आता है।
गणपति थाना के पास मोड़ पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं।
इमली नाले पर टर्नहोने से यहां अधिकांश कंटेनर पलटते हैं। अनजान चालक होने से तेज गति से वाहन चलाने के चक्कर में यह हादसे होते हैं।
चौड़ा नाला के पास टर्नपर ढलान वाला मार्ग होने से हादसे अधिक होते हैं। कईबार इसी मोड़ पर घटनाएं हुई है।
दो साल पहले शुरू की थी प्रक्रिया
2014 में प्रदेश सरकार ने इंदौर-इच्छापुर के 205 किमी हाईवे को फोरलेन करने के लिए स्वीकृति दी थी। हाईवे के उन्नयन पर एमपीआरडीसी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। दो साल में फोरलेन पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
इसलिए रहता है अधिक दबाव
इंदौर से बुरहानपुर, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में माल पहुंचाने का मुय मार्ग है। बुरहानपुर में 11 से अधिक गांव और नगर हाईवे किनारे बसे हैं। इस पर वाहनों की आवाजाही से आए दिन हादसे होते हैं।


Updated on:
26 Apr 2019 11:49 am
Published on:
26 Apr 2019 11:48 am