- 20 मार्च को अप, 22 को डाउन की काशी नहीं आएगी नेपा- 24 मार्च से 7 अप्रैल तक अप की, 26 मार्च से 9 अप्रैल तक डाउन की काशी एक्सप्रेस रहेगी निरस्त
बुरहानपुर/नेपानगर. उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के इलाहाबाद. फाफामऊ खंड पर प्रयाग फाफामऊ स्टेशन के बीच दोहरीकरण का काम रेलवे द्वारा कराया जाएगा। इस दौरान प्री नॉन इंटरलाकिंग व नॉन इंटरलॉकिंग के कारण अधिकांश ट्रेनों के रेलवे ने या तो रूट बदल दिए हैं या फिर उन्हें निरस्त कर दिया है। इसमें नेपानगर रुकने वाली 15017 व 15018 काशी एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। जिसे रेलवे ने 18 दिन के लिए निरस्त कर दिया है। इसके कारण आमजन को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। खास बात यह है कि नेपानगर से काफी संख्या में लोग अप डाउन करते हैं अप ट्रैक पर सुबह से दोपहर 1.28 बजे के बीच महज एक ही ट्रेन काशी एक्सप्रेस रहती है। जबकि 1.28 बजे कामायनी यहां रुकती हैै। परंतु आमजन को अब सुबह के समय बुरहानपुर, रावेर, भुसावल सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों में जाने के लिए केवल कामायनी एक्सप्रेस ही पहले मिलेगी। इसके बाद दोपहर में पैसेंजर और शाम में पठानकोट, कुशीनगर रहेगी।
रेलवे के मुताबिक 20 मार्च को अप की काशी एक्सप्रेस ट्रेन क्रमांक 15018 निरस्त रहेगी। जबकि 22 को 15017 डाउन की काशी एक्सप्रेस नेपानगर नहीं आएगी। इसके बाद 24 मार्च से 7 अप्रैल तक अप और 26 मार्च से 9 अप्रैल तक डाउन की काशी एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रहेगी। जिसके कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नेपानगर में नहीं रुकती अधिकांश ट्रेनें
नेपानगर रेलवे स्टेशन पर अधिकांश यात्री ट्रेनें नहीं रुकती जिसके कारण स्थानीय रहवासियों सहित बाहरी यात्रियों को भी खासी परेशािनयों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी का सफर करने पर या तो बुरहानपुर, भुसावल से ट्रेन पकडऩा पड़ती है या फिर खंडवा से रिजर्वेशन कराना पड़ता है। ऐसे में आमजन को अतिरिक्त खर्च भी वहन करना पड़ता है। लंबे समय से स्थानीय लोग ट्रेनों के स्टापेज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता। जिसका खामियाजा यात्री उठा रहे हैं।
इन ट्रेनों का होना चाहिए स्टापेज
नेपानगर स्टेशन पर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, भागलपुर एक्सप्रेस, पुणे पटना एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज किए जाना चािहए। साथ ही हैदराबाद अजमेर ट्रेन के स्टापेज की भी मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन रेलवे का इस ओर ध्यान नहीं है। पिछले दिनों रेलवे ने यहां करोड़ों की रािश खर्च कर स्टेशन को तो बेहतर बना दिया, लेकिन प्रमुख यात्री सुिवधा ट्रेनों के स्टापेज से आमजन वंचित हैं।