बुरहानपुर

15 दिन बाद फिर खेत से मोटर पंप चोरी

एक ही खेत में 15 दिन बाद दूसरी घटना- किसानों के पास कुछ अहम सुराग, लेकिन जांच अधिकारी नहीं करते उनसे चर्चा
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किसान चोरी की जानकारी देते हुए।

बुरहानपुर. नेपानगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से खेत से मोटर चोरी होने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आए दिन गिरोह के बेखौफ रूप से खेत में चोरी कर किसानों को हजारों रुपए की चपत लगा रहे है। कहीं मोटर तो कहीं डीपी से क्वाइल और ऑइल चुराया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस में शिकायत की जाती है। लेकिन विभाग अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सुराग जुटा नहीं पाया है। ऐसे में किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की सख्त जांच कर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार सोमवार रात नगर के भातखेड़ा वार्ड के रिहायशी क्षेत्र से लगे ख्ेात से मोटर चोरी हो गई। अगले दिन खेत मालिक भास्कर पाटील के खेत में पहुंचने पर उन्हें घटना पता चली। उन्होंने कहा कि मैं सुबह 7 बजे खेत में पानी छोडऩे आया था। स्वीच चालू किया तो खेत में पानी नहीं आया। कुए के पास जाकर देखा तो मोटर गायब थी। कुछ देर मैंने आसपास के क्षेत्र में मोटर देखी। नहीं मिलने पर घर आकर बेटी निलेश सहित परिजनों को बताया। हम सभी वार्ड के कुछ लोगों के साथ खेत में पहुंचे। यहां करीब 1 घंटे तक खोजबीन की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंत में परेशान होकर नेपा थाने में शिकायत करने पहुंचे। यहां शिकायत करने के बाद दोपहर 3 बजे एसआई हंसकुमार झिंझोरे पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना किया। कुछ देर किसानों से चर्चा करने के बाद वापस चले गए।

8 फरवरी की रात भी हुई थी घटना
किसान भास्कर पाटिल के खेत में 8 फरवरी को भी चोरी की घटना हुई थी। लेकिन आरोपी को अब तक पकड़ा नहीं जा सका। पाटिल ने कहा कि उक्त घटना की शिकायत भी हमने नेपा थाने में की थी। मामले की जांच झिंझोरे को ही मिली। इस बार भी उन्होंने मौका मुआयना कर मामला टाल दिया। किसान पाटिल ने कहा कि हमें कुछ लोगों पर शक है। लेकिन पुलिस कभी हमसे मामले की चर्चा ही नहीं करती। ऐसे में आरोपी गिरफ्त से दूर होता जा रहा है। 8 फरवरी को चोरी हुई मोटर 18 हजार 500 और 24 फरवरी को चोरी मोटर 12 हजार की थी। अब तीसरी मोटर लाकर काम करना पड़ेगा।

- मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। जांच करवाते है। यदि थाने को कोई कर्मचारी रहवासियों की समस्सया नहीं सून रहा है तो वे सीधे मुझसे आकर चर्चा करें। मैं खुद मामले की जांच करवाता हूं।
- सखाराम सेंगर, एसडीओपी