MP News: ऑल इंडिया शिया मुस्लिम बोर्ड के प्रदेशाध्यक्ष इफ्तेखार अली उर्फ जानी जनाब ने कहा कि पूरे समाज में गम का माहौल है।
MP News: इजराइल, अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर एवं शिया समुदाय के धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद बुरहानपुर का शिया मुसलमान भी गमजदा है। रमजान माह के बाद 21 मार्च को ईद का पर्व मनाया जाएगा। लेकिन इस साल शिया समुदाय के लोग ईद का पर्व खुशियों के साथ नहीं मनाएंगे। ऑल इंडिया शिया मुस्लिम बोर्ड के प्रदेशाध्यक्ष इफ्तेखार अली उर्फ जानी जनाब ने कहा कि पूरे समाज में गम का माहौल है। लोग ईद पर नए कपड़े नहीं पहनेंगे।
पुराने कपड़ों में ईद की नमाज अदा कर दुआएं की जाएगी। सभी इंसानियत के चाहने वाले इस बार त्योहार नहीं मनाएंगे। किसी तरह की खुशियां नहीं मनाई जाएगी बल्कि रस्म अदा करने के लिए प्रतीकात्मक तौर पर ईद की नमाज पढ़ी जाएगी, अलविदा जुमे की नमाज पर भी दुआएं होगी।
शिया समुदाय ने कहा कि हम हक के साथ है। ईरान ने हमेशा भारत का सहयोग किया है। तेल सप्लाई के लिए दुनियाभर के लिए ईरान का रास्ता बंद है, लेकिन भारत के लिए ईरान ने अपना रास्ता खोला है। यूपी के पुलिस अफसर के बयान पर कहा कि अफसर ड्यूटी नहीं बल्कि दादागीरी चला रहे हैं, उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है।
बता दें कि यूएस-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद मध्यप्रदेश के कई शहरों में समेत भारत (लखनऊ, कश्मीर, इंदौर) और पाकिस्तान (कराची) सहित दुनिया के कई हिस्सों में शिया समुदाय द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन और मातम मनाया गया। विरोधियों ने इसे अमेरिका और इज़राइल की "साजिश" बताते हुए कड़ी निंदा की और इन देशों के खिलाफ नारे लगाए। भारत में, प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन को सतर्क कर दिया गया था। अमेरिकी-इजरायली हमले में खमैनेई की मौत के बाद, समर्थकों ने इसे 'शहादत' मानते हुए शोक व्यक्त किया।