जिस गांव के लोग एक माह से पेयजल के लिए तरस रहे हो, वहां परेशान लोग पंचायत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे तो क्या करेंगे। गांव में पर्याप्त भूमिगत जलस्त्रोत होने के बाद भी ग्राम पंचायत ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति करने में नाकाम साबित हो रही है, यह चिंता का विषय है। जब तक हम गांव की पेयजल व्यवस्था नहीं सुधारेंगे तब तक हम ग्रामीणों को किस मुंह से जलकर मांगेंगे। नागपंचमी जैसे पावन पर्व को मनाने के बजाय घर की महिलाओं को पेयजल के लिए सड़क पर उतरना पड़ा, इससे जि?मेदार सरपंच,सचिव और अफसरों की घोर लापरवाही सामने आ रही है। यह नाराजगी महिला एवं बाल विकास मंत्री व क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनीस ने इच्छापुर में अफसरों पर जताई।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को इच्छापुर में एक माह से पेयजल नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत का घेराव कर तोडफ़ोड़ की थी। साथ ही सरपंच-सचिव की कुर्सियों को भी आग के हवाले कर दिया था और इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बड़ी सं?या में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर चार घंटे तक चक्काजाम कर भारी विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके चलते पुलिस ने 48 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। रविवार को मंत्री चिटनीस इच्छापुर में पेयजल पीडि़त ग्रामीणों की समस्याओं से रुबरु हुई। मंत्री के ग्राम में पहुंचने पर बड़ी सं?या में ग्राम के महिला-पुरुष एकत्रित हुए। ग्राम पंचायत कार्यालय प्रांगण में मंडप डालकर मंत्री ने ग्रामीणों की चौपाल लगाई। इस दौरान ग्रामीणों का गुस्सा भी साफ साफ नजर आ रहा था। मंत्री के साथ जनपद पंचायत अध्यक्ष किशोर पाटील, भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी, पार्षद विनोद चौधरी, भाजपा नेता वामन माली और एसडीएम सोहन कनाश सहित अन्य मौजूद थे।
चिटनीस ने इच्छापुर में पेयजल समस्या को लेकर विभागवार जि?मेदार अफसरकर्मियों को फटकार लगाई। मंत्री ने पंचायत सरपंच युवराज भील, सचिव गोपाल नायके, सुभाष प्रजापति और जनपद पंचायत सीईओ अनिल पवार को फटकार लगाते हुए कहा कि आप एक बिगड़ी हुई मोटर पंप को सुधार नहीं पाए, जिससे लोगों को पानी नहीं मिल पाया। सचिव को कारण बताओ नोटिस देकर जल प्रदाय व्यवस्था को सुचारु करने की बात कही। चिटनीस ने कहा कि बिजली विभाग का कोई अधिकारी ट्यूबवेल और मोटरपंप की केबल लपेटकर चला गया था। जिसके कारण भी बिजली कनेक्शन बंद रहा। इस पर बिजली विभाग के अधिकारी सुनिल जैसवाल को भी कड़ी फटकार लगाकर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस पर ग्रामीणों ने मंत्री की बातों पर जमकर तालियां बजाई। इस पर ग्रामीणों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों की पेयजल समिती बनाकर अफसरों की मौजूदगी में हर सप्ताह एक बैठक लेकर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करें।
पुलिस के प्रति जताई नाराजगी
मंत्री चिटनीस ने कहा कि पुलिस आम जनता की वेदनाओं को कभी समझ नहीं सकती। देरी से आए एएसपी मनकामनाप्रसाद के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए चिटनीस ने कहा कि पेयजल एक बड़ी समस्या है। एक माह से पेयजल को लेकर परेशान हो रहे लोगों के खिलाफ पुलिस जान से मारने के केस दर्ज कर रही है, जो न्यायसंगत बात नहीं है। इस दौरान थाना प्रभारी जीतेन्द्र भास्कर, एसडीओपी करणसिंह रावत और एएसपी से कहा कि 48 लोगों के खिलाफ किए गए प्रकरण को हटाने की बात करते हुए पेयजल विहिन ग्रामीणों के प्रति रहमदिली जताने की बात कही।
मंत्री के साथ नजर आए गांव के नेता
मंत्री चिटनीस के ग्रामीणों की समस्या से रुबरु होने के दौरान गांव के नेतागण भी मौजूद थे। गुरुवार को पेयजल समस्या के चलते ग्रामीणो के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों के पक्ष में इच्छापुर का एक भी जनप्रतिनिधि सामने नहीं आया था लेकिन जैसे ही मंत्री चिटनीस ग्रामीणों से रुबरु होने पहुंची तो वहां पर गांव के कुछ नेता भी पहुंच गए। इस दौरान मंत्री चिटनीस ने गांव के जि?मेदारों और ग्रामीणों के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय विधायक होने के नाते गांव के एक भी व्यक्ति या किसी जि?मेदार ने एक माह से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर एक कॉल तक नहीं किया। इस पर ग्राम की महिलाओं ने कहा कि दीदी समस्या को लेकर आपसे बात करने के लिए गांव के नेता आपका नंबर तक नहीं देते और ना ही हमारी समस्याओ लेकर कोई सुनवाई करते है। मंत्री ने दो दिन में समस्या के निराकरण के निर्देश अफसरों को दिए और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अब समस्या दूर हो जाएगी।