बुरहानपुर

खार वाले पानी से फैल रही पथरी की बीमारी, आजाद वार्ड में जलसंकट

जहां के थे सरताज वहां क्या आज
2 min read
congress bjp
congress bjp

गणेश बाविस्कर
शाहपुर. शास्त्री वार्ड क्रमांक-4 मूलभूत समस्याओं से घिरा हुआ है। वार्ड में बीते ६ वर्ष से दूषित पानी की समस्या वार्डवासियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। वहीं वार्ड की सीमेंट की सड़कें भी जर्जर हो चुकी है, जो वाहनों के आवागमन योग्य नहीं है। बता दे यह ऐसा वार्ड है, जिसके बूथ क्रमांक २२२ से २०१३ के विधानसभा में अर्चना चिटनीस का यह दूसरा बूथ है, जहां सबसे अधिक वोट लिए थे। लोगों की समस्या जानी तो निलेश जैन व प्रवीण आमोदे का कहना कई बार नगर परिषद में शिकायत की लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लोग बीते ६ वर्ष से खार वाला दुषित पानी पीने को मजबूर है। वार्डवासियों का कहना है कि इस पानी से न तो दाल गल रही है और न ही चाय बन पा रही है। अधिकांश घरों के लोग पथरी की बीमारी से पीडि़त है।
वार्डवासी योगेश पाटिल, किशोर महाजन, हरिभाऊ बाविस्कर, अक्षय सुरलकर, गोपालराव देशमुख और निलेश राठौर ने बताया कि उन्होंने कई बार इस समस्या को लेकर जिम्मेदारों को अवगत कराया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। इसके पीछे अधिकारियों में आपसी तालमेल न होना भी बताया जा रहा है।
पानी के लिए तरस रहा आजाद वार्ड
वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी जो २०१३ में पिछले चुनाव में प्रत्याथी रहे। विधानसभा का १३० नंबर का यह ऐसा बूथ है, जहां रघुवंशी को सबसे अधिक वोट मिले। लेकिन यहां कई समस्या बरकरार है। जब इस वार्ड में पार्षद शेख सफदर शेख कादर से मिले तो उन्होंने कहा कि पानी से पूरा वार्ड जूझ रहा है। पांच साल से परेशानी है। एक ही बोर है, जहां पानी वार्ड में नहीं पहुंच पाता। छोटी-छोटी गलियां होने के कारण पानी का टैंकर नहीं जा पाता। हाथ ठेले से पानी पहुंचाना पड़ता है। मेन राइजिंग लाइन सिंधीपुरा से १५०० फीट के आसपास लाइन डाली। लेकिन उसमें भी पांच छह दिन में एक बार पानी आता है। पार्षद ने कहा कि हमने मजदूरी का पैसा देकर पाइप लाइन खाकीशा का तकीया से लेकर अहफाज पहलवान के घर तक पहुंचाए। जिसमें मैंने अपने जेब से पैसा लगाए। निगम ने मजदूरों के पैसे नहीं दिए। पार्षद ने कहा २२ नालियों पर रपटे बनाए, जिसके बिल आज तक ठेकेदार को नहीं मिला। निगम कमिश्नर को बोले तो इंजीनियर से बात करने को कहते हैं। रघुवंशी के बारे में पूछने पर पार्षद बोले अजय रघुवंशी समय-समय पर आते रहे।

दोनों पार्टियोंं ने तैयार की चुनावी रणनीति
बड़वानी. प्रदेश का सेंधवा विधानसभा क्षेत्र। सेंधवा से करीब 35 किमी दूर ग्रामीण क्षेत्र खुटवाड़ी। यहां खुटवाड़ी के अलावा बामन्या फलिया और ***** सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता मतदान करने आते हैं। यह क्षेत्र परंपरागत तौर पर कांग्रेस का ही माना जाता है। पूर्व विधायक ग्यारसीलाल रावत का गांव हिंगवा और यहां से कुछ दूरी पर खुटवाड़ी हैं। ऐसे में यहां कांग्रेस को Óयादा वोट अब तक आसानी से मिलते आए हैं। यहां वैसे तो कोई बड़ी डिमांड या समस्या नहीं है, लेकिन मतदाताओं का आरोप है कि कांग्रेस को सबसे Óयादा वोट मिले लेकिन उम्मीदवार हार गया। ऐसे में परंपरागत क्षेत्र होने के कारण बीजेपी ने कोई ध्यान नहीं दिया। हालांकि यहां की जनता पहले से ही अपने हकों के लिए लडऩे वाली रही है और फिलहाल यहां कोई बड़ी समस्या नहीं है।

Published on:
13 Sept 2018 02:56 am