
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे लगभग 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आयोग के लागू होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 92% तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹34,560 हो सकती है। वहीं, पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹17,280 तक पहुंच सकती है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू हो सकता है, क्योंकि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आयोग की प्रक्रिया में समय लग सकता है, जिसके कारण लागू होने में थोड़ी देरी भी संभव है। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने और सरकार को रिपोर्ट सौंपने में कम से कम 18 महीने लग सकते हैं, जैसा कि 7वें वेतन आयोग के साथ हुआ था।
8वें वेतन आयोग में सैलरी और पेंशन में वृद्धि का मुख्य आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके कारण न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। अब चर्चा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है, जो मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नया वेतन तय करता है। यह आर्थिक स्थिति, महंगाई और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.0 तक करने की मांग की है, जिससे सैलरी में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।
8वां वेतन आयोग लागू होने से न केवल केंद्रीय कर्मचारियों, बल्कि रक्षा कर्मियों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, रेलवे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी लाभ होगा। यह आयोग वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा, जिससे कर्मचारियों की खरीद क्षमता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
आयोग का गठन: सरकार जल्द ही आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति करेगी।
रिपोर्ट तैयार करना: आयोग आर्थिक स्थिति और महंगाई के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
राज्य सरकारों से विचार-विमर्श: केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, राज्य सरकारों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) से सलाह ली जाएगी।
लागू करना: सिफारिशों को अंतिम रूप देने के बाद, इसे 1 जनवरी, 2026 से लागू करने की योजना है।
यदि आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो सरकार कर्मचारियों को देरी की अवधि के लिए एरियर का भुगतान कर सकती है। यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारियों को कोई वित्तीय नुकसान न हो।
फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत 53% महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है, जो 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी है। जनवरी और जुलाई 2025 में DA में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले 59-62% तक पहुंच सकता है। आयोग लागू होने पर DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर शून्य से शुरू किया जा सकता है।
8वें वेतन आयोग की घोषणा ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्साह भर दिया है। कर्मचारी संगठन इसे एक बड़े कदम के रूप में देख रहे हैं, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग की सिफारिशें कब और कैसे लागू होंगी।