केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर रिटायर हो चुके कर्मचारियों को पेंशन रिवीजन का लाभ मिलेगा।
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लंबे समय से चर्चा जारी है। खासकर 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारियों में यह संशय था कि क्या उन्हें नए वेतन आयोग का लाभ मिलेगा या नहीं। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर पूर्व में रिटायर हो चुके कर्मचारियों को भी पेंशन रिवीजन का लाभ दिया जाएगा।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि मौजूदा नियमों के तहत जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो उसका लाभ वर्तमान पेंशनभोगियों को पेंशन रिवीजन के माध्यम से दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइनेंस एक्ट 2025 (Finance Act 2025) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो इस व्यवस्था को बदलता हो।
इस बयान के बाद उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जो 2025 के अंत तक सेवानिवृत्त हुए हैं। सरकार का कहना है कि पेंशन निर्धारण में रिटायरमेंट की तिथि के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि 8वें वेतन आयोग का प्रभाव व्यापक रूप से सभी पात्र पेंशनर्स पर पड़ेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए आधिकारिक पोस्ट के अनुसार 8वें केंद्रीय वेतन आयोग में एक और अहम नियुक्ति की गई है। जानकारी के मुताबिक आईआरएएस 2009 बैच के श्री कृष्णा वी. आर. को निदेशक पद पर प्रतिनियुक्ति आधार पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत और कैबिनेट की नियुक्ति समिति की स्वीकृति के बाद की गई है।
8वें वेतन आयोग के तहत सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.81 से 3.68 के बीच हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है।
वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की स्वीकृति के बाद ही लिया जाएगा। पेंशन रिवीजन का लाभ उन सभी पेंशनभोगियों को मिलेगा जो केंद्र सरकार की सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं।
आयोग के गठन की अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी कर दी गई थी। आयोग को सिफारिशों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए डेढ़ साल यानी 18 महीने का समय दिया गया है। इस समय-सीमा के अनुसार, आयोग की सिफारिशें साल 2027 तक आने की संभावना है। हालांकि, एरियर 1 जनवरी 2026 से जोड़ कर दिया जा सकता है।