
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)
LRS Rules: भारत में हर साल लाखों लोग विदेश पढ़ाई, इलाज, यात्रा और निवेश के लिए पैसा भेजते हैं। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम लागू है, जिसके तहत तय सीमा में विदेश पैसा भेजा जा सकता है। नए बजट में इसी योजना के टैक्स नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे अब विदेश पैसा भेजने पर कई मामलों में कम टैक्स देना होगा।
नए बजट में सरकार ने टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी टीसीएस के नियमों में राहत दी है। अब विदेश टूर पैकेज पर टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। मेडिकल ट्रीटमेंट और विदेश पढ़ाई के लिए भेजी जाने वाली राशि पर 10 लाख रुपये तक कोई टीसीएस नहीं लगेगा। 10 लाख से ऊपर की रकम पर केवल 2 प्रतिशत टीसीएस देना होगा। इससे मध्यम वर्ग के परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत भारतीय नागरिक विदेश में लिस्टेड शेयर, बॉन्ड, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और ओवरसीज प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा वेंचर फंड और म्यूचुअल फंड में निवेश की भी अनुमति है, बशर्ते फंड मैनेजर उस देश के रेगुलेटर के तहत रजिस्टर्ड हो। हालांकि, विदेशी एक्सचेंज पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग की इजाजत नहीं है। निवेश से पहले बैंक या अधिकृत डीलर से नियम समझना जरूरी है।
निवेश के अलावा LRS का इस्तेमाल विदेश यात्रा, बिजनेस ट्रिप, विदेश शिक्षा, मेडिकल ट्रीटमेंट और नौकरी के लिए शिफ्ट होने जैसे खर्चों में किया जा सकता है। इसके साथ ही विदेश में रहने वाले करीबी रिश्तेदारों की मदद के लिए भी पैसा भेजा जा सकता है। नए टैक्स नियमों से इन सभी जरूरतों के लिए विदेश पैसा भेजना पहले से ज्यादा आसान और सस्ता हो गया है।
LRS के तहत उधार लिया हुआ पैसा विदेश भेजने की अनुमति नहीं है। कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन रेमिटेंस के लिए जरूरी है कि जो पैसा भेजा जा रहा है वह भेजने वाले का होना चाहिए। गिफ्ट के रूप में पैसा भेजा जा सकता है, लेकिन इनकम टैक्स एक्ट के क्लबिंग नियम लागू हो सकते हैं। विदेश फिक्स्ड डिपॉजिट और अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में भुगतान को लेकर नियम थोड़े जटिल हैं, इसलिए पहले कंसल्टेंट या अधिकृत डीलर से सलाह लेना जरूरी है।
वैसे तो लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत कोई भी भारतीय निवासी एक वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच अधिकतम 2.50 लाख डॉलर करीब 2.26 करोड़ रुपये तक विदेश पैसा भेज सकता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति इस साल 31 मार्च 2026 से पहले 2.50 लाख डॉलर और फिर 1 अप्रैल 2026 के बाद अगले वित्तीय वर्ष में दोबारा 2.50 लाख डॉलर भेज देता है, तो वह एक ही कैलेंडर वर्ष 2027 में कुल 5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है, यानी कुल 4.52 करोड़ रुपये।
Updated on:
10 Feb 2026 05:15 pm
Published on:
10 Feb 2026 05:15 pm
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