14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्टार्टअप्स को मिलेगी करोड़ों की सहायता, पीएम मोदी ने 10,000 करोड़ का फंड किया अप्रूव

प्रधानमंत्री ने 10000 करोड के स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी दी है। साथ ही पीएम राहत स्कीम, लखपति दीदी लक्ष्य और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में भी बडे फैसले लिए गए हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Feb 13, 2026

Startup India Fund of Funds 2.0

स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (फोटो- एआई जनरेटेड)

भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। पिछले कुछ वर्षों में देश दुनिया के सबसे तेजी से उभरते इनोवेशन हब के रूप में सामने आया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10000 करोड रुपये के कोष के साथ मंजूरी दे दी है।

भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मिलेगी ताकत

सरकार के अनुसार, यह नया फंड भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम, खासकर डीप टेक, अर्ली स्टेज आइडिया, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को ताकत देगा। इससे उभरते स्टार्टअप्स को घरेलू पूंजी तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। इससे पहले 2016 में फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स स्कीम को 10000 करोड रुपये के कोष के साथ मंजूरी दी गई थी। इस योजना का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को जरूरी वित्तीय समर्थन देना था ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

क्या है निवेश प्रक्रिया

फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स सीधे स्टार्टअप्स में निवेश नहीं करता है। इसके तहत भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) में पंजीकृत अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स को पूंजी दी जाती है, जिन्हें डॉटर फंड्स कहा जाता है। यह डॉटर फंड्स इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को सौंपा गया है। एसआईडीबीआई उपयुक्त डॉटर फंड्स का चयन करता है और प्रतिबद्ध पूंजी के वितरण की निगरानी करता है। एफएफएस के तहत समर्थित एआईएफ को कम से कम दोगुनी राशि स्टार्टअप्स में निवेश करनी होती है।

सड़क दुर्घटना के पीडितों के लिए बड़ी घोषणा

प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप फंड के अलावा कई अहम फाइलों पर भी हस्ताक्षर किए। पीएम राहत स्कीम के तहत अब सड़क दुर्घटना के पीडितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, ताकि समय पर चिकित्सा सहायता के अभाव में कोई जान न जाए। सरकार ने तीन करोड लखपति दीदी का लक्ष्य तय समय से एक वर्ष पहले हासिल कर लिया है और अब मार्च 2029 तक इसे छह करोड करने का नया लक्ष्य रखा गया है। साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की राशि 1 लाख करोड से बढाकर 2 लाख करोड रुपये कर दी गई है, जिससे पूरी कृषि वैल्यू चेन को मजबूती मिलेगी।