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2034 तक 3 गुना बढ़ सकती है AC Industry, बिजली बिल बचाने वाले मॉडल्स पर है कंपनियों का फोकस

AC Industry in India: भारत में एसी की बढ़ती मांग के साथ यह इंडस्ट्री भी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही लोगों का बिजली बिल भी बढ़ रहा है। सर्वे के मुताबिक, घरों की बिजली खपत में पंखे, AC और कूलर की हिस्सेदारी 40% है।
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Oct 17, 2026
AC Industry in India
एसी इंडस्ट्री तेजी से ग्रोथ कर रही है। (PC: AI)

AC Electricity Consumption: गर्मी से राहत देने वाला एयर कंडीशनर (AC) अब कई भारतीय परिवारों की जरूरत बनता जा रहा है। लेकिन एसी खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि इसे चलाने पर हर महीने बिजली का बिल कितना आएगा। यही चिंता अब कंपनियों की रणनीति भी बदल रही है। ग्राहक ऐसे एसी की तलाश में हैं, जो कमरे को ठंडा रखने के साथ बिजली की खपत भी कम करे। इसी वजह से 5-स्टार एसी, इन्वर्टर तकनीक और बिजली की खपत को समझने में मदद करने वाले स्मार्ट फीचर्स पर कंपनियों का जोर बढ़ रहा है। ग्राहक भी अब सिर्फ AC की कीमत नहीं, बल्कि उसे कई साल तक चलाने का कुल खर्च देखने लगे हैं।

2034 तक 21.59 अरब डॉलर का हो सकता है मार्केट

IMARC ग्रुप के अनुमान के मुताबिक, भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार 2025 में 6.15 अरब डॉलर का था। 2026 में इसके बढ़कर 7.07 अरब डॉलर और 2034 तक 21.59 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। बढ़ता तापमान, शहरीकरण और घरों में कूलिंग की जरूरत इस बाजार को आगे बढ़ा रहे हैं।

घरों में बिजली की खपत का बड़ा हिस्सा AC और कूलर पर

ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) और CLASP के 2024 के सर्वे से पता चलता है कि घरों में पंखे, एसी और कूलर बिजली की खपत का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करते हैं। 20 राज्यों के 4,321 परिवारों पर किए गए इस सर्वे के मुताबिक, इन उपकरणों की कुल घरेलू बिजली खपत में हिस्सेदारी 40% थी। सर्वे में एसी अकेले कुल घरेलू बिजली खपत का 11% इस्तेमाल करते पाए गए। शहरी परिवारों में यह हिस्सा 12% था।

बढ़ रही AC रखने वाले परिवारों की संख्या

देश में एसी रखने वाले परिवारों की संख्या भी बढ़ रही है। सर्वे के अनुसार, 2024 में 13.3% परिवारों के पास एसी था, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 10% था। शहरों में एसी की पहुंच 17% परिवारों तक थी। सर्वे में शामिल घरों के 55% एसी पिछले पांच साल में खरीदे गए थे। ये आंकड़े बताते हैं कि आने वाले समय में एसी की मांग बढ़ने के साथ बिजली बचाने वाली तकनीक की अहमियत भी बढ़ेगी।

LG की बिक्री में 5-स्टार AC की हिस्सेदारी बढ़ी

LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के मुताबिक, ग्राहक अब एसी खरीदने की शुरुआती कीमत के साथ उसके लंबे समय तक इस्तेमाल पर होने वाले खर्च को भी ध्यान में रख रहे हैं। कंपनी के अनुसार, एलजी की एसी बिक्री में अब आधे से ज्यादा हिस्सेदारी 5-स्टार या ज्यादा ऊर्जा दक्षता वाले मॉडल की है। पिछले साल यह हिस्सेदारी 45% से अधिक थी। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की रेजिडेंशियल एसी बिक्री में करीब 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

5-स्टार और 3-स्टार AC की बिजली खपत में कितना अंतर?

एसी खरीदते समय स्टार रेटिंग और सालाना बिजली खपत के आंकड़े देखकर अलग-अलग मॉडल की तुलना की जा सकती है। उदाहरण के लिए, Daikin के 1.5 टन वाले 5-स्टार मॉडल की ISEER रेटिंग 5.70 और सालाना बिजली खपत 716.97 यूनिट बताई गई है। वहीं, कंपनी के 1.5 टन वाले 3-स्टार मॉडल की ISEER रेटिंग 4.40 और सालाना बिजली खपत 880.1 यूनिट है। इन आंकड़ों के आधार पर दोनों मॉडल की बताई गई सालाना खपत में करीब 163 यूनिट का अंतर है। हालांकि, असल बिजली बचत इस्तेमाल के घंटे, कमरे की स्थिति, तापमान और अन्य परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

Updated on:
17 Oct 2026 05:17 pm
Published on:
17 Oct 2026 05:16 pm