कारोबार

Adani Ports ने MSC को क्यों बेची Vizhinjam Port में 49% हिस्सेदारी? शेयर में आया उछाल

Adani Ports MSC Deal: अडानी ग्रुप ने मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी के साथ पार्टनरशिप करके विझिंजम पोर्ट की क्षमता को बढ़ाने का कदम उठाया है। इस डील के बाद अब 49 फीसदी हिस्सा MSC के पास चला गया है।
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Jun 30, 2026
Adani Ports Stake Sale
अडानी ग्रुप ने विझिंजम पोर्ट की हिस्सेदारी बेची है। (PC: Adani Port)

Adani Group की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने केरल के विझिंजम ट्रांसशिपमेंट पोर्ट में अपनी 49 फीसदी हिस्सेदारी ग्लोबल शिपिंग कंपनी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) को बेचने का समझौता किया है। यह करीब 1.4 बिलियन डॉलर (लगभग 13,225 करोड़ रुपये) का सौदा है। साथ ही, MSC के जुड़ने से पोर्ट पर कंटेनरों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।

इस डील से क्या मिलेगा फायदा?

दरअसल इस डील से अडानी ग्रुप को विंझिंजम पोर्ट का विस्तार करने में मदद मिलेगी। समझौते के तहत MSC की इकाई टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (TIL), अडानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) में 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 539 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी। AVPPL अभी अडानी पोर्ट्स की 100 फीसदी सब्सिडियरी कंपनी है। अडानी पोर्ट की प्रेस रिलिज के अनुसार, पोर्ट का विस्तार करने में करीब 1.75 बिलियन डॉलर का खर्च होगा, जिसमें से TIL अपनी हिस्सेदारी के रूप में दिसंबर 2028 तक 858 मिलियन डॉलर और निवेश करेगी। यानी पोर्ट के विस्तार में खर्च होने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा MSC की इकाई टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड चुकाएगी।

अडानी ग्रुप के शेयरों का हाल

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयर में जनवरी से अब तक 20 फीसदी से अधिक की तेजी आ चुकी है।

कंपनी का नामबंद भाव (₹)बदलाव (₹)बदलाव (%)स्थिति
अडानी एंटरप्राइजेज3,036.10+72.55+2.45%▲ बढ़त
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन1,810.20+33.60+1.89%▲ बढ़त
अडानी पावर223.70-3.15-1.39%▼ गिरावट
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस1,490.90+5.60+0.38%▲ बढ़त
अडानी ग्रीन एनर्जी1,493.85-6.80-0.45%▼ गिरावट
अडानी टोटल गैस728.00-5.40-0.74%▼ गिरावट

MSC के आने से बढ़ेगा कार्गो कारोबार

विझिंजम पोर्ट की क्षमता अभी 16 लाख (1.6 मिलियन) कंटेनर प्रतिवर्ष है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसे बढ़ाकर 41 लाख (4.1 मिलियन) कंटेनर प्रतिवर्ष किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि MSC के साथ साझेदारी से विझिंजम पोर्ट को नियमित रूप से ज्यादा कार्गो मिलने की संभावना है। इससे पोर्ट का कारोबार तेजी से बढ़ेगा। बांग्लादेश से आने वाला कार्गो भी अब विझिंजम पोर्ट के जरिए आ सकता है, जो फिलहाल दक्षिण-पूर्व एशिया के दूसरे ट्रांसशिपमेंट पोर्ट्स का इस्तेमाल करता है।

ग्लोबल ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनने की क्षमता

ट्रांसशिपमेंट पोर्ट ऐसे केंद्र होते हैं जहां एक जहाज से कंटेनर उतारकर दूसरे जहाज में भेजे जाते हैं। विझिंजम पोर्ट का ग्लोबल शिपिंग कॉरिडोर के पास होना और इसकी प्राकृतिक गहराई (नेचुरल ड्राफ्ट) इसे खास बनाती है। इससे यह भारत का पहला ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की क्षमता रखता है।

Published on:
30 Jun 2026 04:52 pm