Adani Power का Q4FY26 में मुनाफा 64% बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू स्टेबल रहा। EBITDA में भी बढ़ोतरी दिखी। पावर डिमांड में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने लंबी अवधि के PPA के जरिए अपने कारोबार को स्थिर बनाए रखा।
Adani Power Q4 results: अडानी पावर ने बुधवार को मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिये हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% से ज्यादा बढ़कर 4,271.40 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,599.23 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी की ऑपरेशंस से कमाई लगभग स्थिर रही। रेवेन्यू 14,223.09 करोड़ रहा, जो पिछले साल 14,237.40 करोड़ रुपये था। नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा और शेयर 2.48% गिरकर 217.80 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी ने कहा कि पावर डिमांड में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसका ऑपरेशनल प्रदर्शन स्थिर रहा। अडानी पावर का EBITDA 27% बढ़कर 6,498 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कोर ऑपरेशंस दिखाने वाला Continuing EBITDA 9.3% बढ़कर 5,573 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 33.27% रहा, जो पिछले साल 33.80% था। यानी मार्जिन में हल्की गिरावट देखी गई।
देशभर में बिजली की मांग में 1.6% की बढ़ोतरी हुई है और यह 422 बिलियन यूनिट तक पहुंची है। तिमाही के आखिरी हिस्से में गर्मी बढ़ने से मांग में तेजी आई है। लेकिन Indian Energy Exchange के डे-अहेड मार्केट में औसत कीमत 12% से ज्यादा गिर गई, जिससे स्पॉट टैरिफ पर दबाव पड़ा।
मर्चेंट और शॉर्ट टर्म बिक्री 5.2 बिलियन यूनिट रही। पिछले साल यह 5.6 बिलियन यूनिट थी। हालांकि, कुल पावर सेल्स बढ़कर 27.2 बिलियन यूनिट हो गई, जो पिछले साल 26.4 बिलियन यूनिट थी। कंपनी ने लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर जोर दिया, जिससे रेवेन्यू में स्थिरता आई। महाराष्ट्र से 1,600 MW का लंबी अवधि का PPA मिला। एक सब्सिडियरी ने तमिलनाडु में 558 MW का PPA साइन किया। अब कंपनी की करीब 95% क्षमता लॉन्ग और मीडियम टर्म PPA के तहत आ चुकी है।