Economic Survey 2025-26 में भारत की आर्थिक स्थिति, ग्रोथ आउटलुक, रोजगार, डिजिटल इकोनॉमी और वैश्विक चुनौतियों का आकलन किया गया है। यह दस्तावेज बजट से पहले सरकार की नीतिगत सोच को स्पष्ट करता है।
Economic Survey 2026: भारत की अर्थव्यवस्था हर साल बदलते वैश्विक और घरेलू हालात के बीच आगे बढ़ रही है। महंगाई, रोजगार, निवेश और डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसे विषय आम लोगों से सीधे जुड़े हुए हैं। आज के लोकसभा सेशन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने इकॉनोमिक सर्वे 2025-26 पेश कर दिया है, जिसमें सरकार बीते वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा और आने वाले साल के लिए प्राथमिकताओं का संकेत दे सकती है। इसे नए बजट की दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज माना जाता है।
इकोनॉमिक सर्वे 2026 में कई तरह के विषयों पर फोकस रहने की उम्मीद है। इनमें भारत की जीडीपी ग्रोथ, महंगाई दर, रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, सर्विस सेक्टर और एक्सपोर्ट जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम, फिनटेक, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जैसे नए उभरते क्षेत्रों का भी विस्तृत उल्लेख किया जाएगा। वैश्विक आर्थिक हालात, जियो-पॉलिटिकल तनाव और उनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर भी सर्वे का अहम हिस्सा रहेगा।