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Budget 2026: इनकम टैक्स में मिल सकती है यह बड़ी राहत, नए बजट में हो सकता है ऐलान

बजट 2026 से इनकम टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन और एलटीसीजी (LTCG) में असरदार बदलाव की उम्मीद है, जिससे मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को सीधी राहत मिल सकती है।

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Jan 22, 2026
Commissioner issues strict instructions for tax collection in urban bodies in MP
Commissioner issues strict instructions for tax collection in urban bodies in MP

Budget 2026 New Tax Expectations: वित्त वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट को लेकर टैक्सपेयर्स में काफी उत्सुकता है। पिछले कुछ सालों में सरकार ने इनकम टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और नए टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि इनकम टैक्स स्लैब के साथ स्टैंडर्ड डिडक्शन और कैपिटल गेन टैक्स में ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिससे मिडिल क्लास और सैलरीड वर्ग को सीधी राहत मिल सके।

कितना बढ़ सकता है स्टैंडर्ड डिडक्शन?

स्टैंडर्ड डिडक्शन बजट 2026 में अहम मुद्दा बना हुआ है। वर्तमान में 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे सैलरीड क्लास को सीधा फायदा मिल सकता है। इसके अलावा सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस डिडक्शन लिमिट बढ़ाने की मांग भी तेज है। मेडिकल महंगाई बढ़ने के चलते सीनियर सिटीजन्स और रिटायर्ड लोगों के लिए अतिरिक्त राहत की उम्मीद की जा रही है।

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद

1 फरवरी 2026 को जारी होने वाले बजट में विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार मौजूदा स्लैब में बड़े बदलाव की जगह फाइन ट्यूनिंग कर सकती है। महंगाई को देखते हुए लोअर टैक्स ब्रैकेट को बढ़ाया जा सकता है, ताकि स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़त के साथ 12 से 20 लाख रुपये की सालाना आय वाले टैक्सपेयर्स को राहत मिले।

कैपिटल गेन टैक्स में संभावित बदलाव

बजट 2026 में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स भी चर्चा का केंद्र है। पिछले बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 12.5 प्रतिशत पर तय किया गया था और इंडेक्सेशन बेनिफिट हटाया गया था। अब उम्मीद है कि टैक्स-फ्री एलटीसीजी लिमिट को 1.25 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है। इससे म्यूचुअल फंड और लॉन्ग टर्म निवेशकों को राहत मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

Published on:
22 Jan 2026 05:47 pm