Upcoming IPO India: कोल इंडिया की सब्सिडरी CMPDI का 1842 करोड रुपये का आईपीओ 20 मार्च से खुलेगा। निवेश से पहले जानें पूरी डिटेल।
भारत के शेयर बाजार में जल्द ही कोयला और खनिज कंसल्टेंसी सेक्टर की बड़ी कंपनी का आईपीओ आने वाला है। देश की सबसे बड़ी कोल माइनिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सब्सिडरी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO के जरिए निवेशकों को मौका देने जा रही है।
कंपनी का यह इश्यू करीब 1842 करोड रुपये का होगा और इसके लिए प्राइस बैंड भी तय कर दिया गया है। खास बात यह है कि यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा, यानी आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी को नहीं बल्कि इसकी पैरेंट कंपनी कोल इंडिया को मिलेगी।
सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 163 रुपये से 172 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। हर इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये रखी गई है।
निवेशक इस आईपीओ में कम से कम 80 शेयरों के एक लॉट में आवेदन कर सकेंगे और इसके बाद भी 80 शेयरों के मल्टीपल में निवेश किया जा सकेगा। इश्यू का फ्लोर प्राइस फेस वैल्यू का करीब 81.5 गुना और कैप प्राइस लगभग 86 गुना रखा गया है।
CMPDI का आईपीओ 20 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 24 मार्च तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए शेयरों का आवंटन 18 मार्च को किया जाएगा।
शेयरों के अलॉटमेंट का आधार 25 मार्च को तय होने की संभावना है। इसके बाद 27 मार्च को रिफंड प्रक्रिया शुरू होगी और उसी दिन सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर किए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 30 मार्च को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर होने की उम्मीद है।
इस आईपीओ में कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। इश्यू के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले करीब 10.71 करोड शेयर बेचे जाएंगे। ये सभी शेयर प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) द्वारा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जा रहे हैं।
आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है। इसके अलावा कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा निवेशकों और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए आरक्षित है।
ग्रे मार्केट में फिलहाल इस आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 19 रुपये बताया जा रहा है, जो अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत का संभावित प्रीमियम दर्शाता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेने की सलाह देते हैं।
वर्ष 1975 में स्थापित सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) कोयला और खनिजों की खोज, माइन प्लानिंग, डिजाइन और कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग, पर्यावरण प्रबंधन और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं में भी काम करती है।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का बाजार हिस्सेदारी लगभग 61 प्रतिशत रही, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी कोल और मिनरल कंसल्टेंसी कंपनियों में शामिल है। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी ने 425.4 करोड रुपये का शुद्ध मुनाफा और लगभग 1489 करोड रुपये का राजस्व दर्ज किया है।