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विमानन, ऑटो, पेंट और टायर कंपनियों के शेयरों में बड़ा नुकसान, दिख रही तेल की मार

बढ़ती तेल कीमतों ने भारतीय बाजार पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को विमानन, पेंट, टायर्स और ऑटो सेक्टर के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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Mar 09, 2026
Continuous increase oil prices show effect investors
विमानन, ऑटो और टायर सेक्टर को हुआ नुकसान PC: (AI)

सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही मची। इसमें मुख्य रूप से विमानन, ऑटो, पेंट और टायर कंपनियों पर भारी दबाव पड़ा। क्योंकि मीडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

तेल की कीमतों में इस तेजी के कारण बीएसई सेंसेक्स 2,200 अंक से अधिक टूटकर 76,892 के स्तर पर आ गया और निफ्टी फिफ्टी करीब 2.8 फीसदी गिरकर 23,960 पर पहुंच गई। इस गिरावट का प्रभाव यह रहा कि कुछ ही घंटों में निवेशकों की 13 लाख करोड़ रुपये की दौलत बाजार में स्वाहा हो गई।

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल आपूर्ति मार्गों को खतरे में डाल दिया है। यह ऐसा संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है। पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड में करीब 28 फीसदी का उछाल आया और शुक्रवार को यह 92.69 डॉलर पर बंद हुआ था। कोविड के बाद की यह सबसे तेज साप्ताहिक बढ़त थी। इस वैश्विक संकट ने मुद्रास्फीति की एक नई लहर की आशंकाओं को फिर से हवा दे दी है।

विमानन कंपनियों पर रही सबसे ज्यादा मार

सबसे ज्यादा मार विमानन कंपनियों पर पड़ी। इंडिगो की मालिक कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 7 फीसदी से अधिक टूट गए और बीएसई पर 52 हफ्ते के निचले स्तर 4,035 रुपये के करीब पहुंच गए। जिसके चलते यह बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसके बाद स्पाइसजेट तो और बुरे हाल में रही। उसके शेयर 8 फीसदी तक गिरकर 12.85 रुपये पर आ गए जो उसका 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर है।

एटीएफ यानी विमानन ईंधन एयरलाइनों के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए तेल महंगा होते ही इन कंपनियों का मुनाफा सीधे खतरे में आ जाता है। कच्चे तेल की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि से एटीएफ की कीमतें बढ़ेंगी, जिसके चलते संभवत एयरलाइंस को किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

पेंट और टायर कंपनियों को हुआ नुकसान

पेंट के लिए जरूरी कच्चे तेल के कारण इस सेक्टर को भी भारी मार झेलनी पड़ी। एशियन पेंट्स करीब 5 फीसदी गिरा, जबकि बर्जर पेंट्स, कंसाई नेरोलैक और अकजो नोबेल इंडिया के शेयर 3 से 4 फीसदी नीचे आए।

तेल की कीमतों में उछाल से टायर निर्माताओं को भी नुकसान हुआ। जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग 6.5 फीसदी की गिरावट आई, जबकि अपोलो टायर्स के शेयरों में लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

बिकवाली का दायरा बहुत व्यापक रहा

ऑटो सेक्टर की हालत भी खराब रही। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 3.9 फीसदी नीचे आया और दिन के सबसे बुरे सेक्टर्स में शामिल हुआ। मारुति सुजुकी 5 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.6 फीसदी गिरे। अशोक लेलैंड 4.6, टीवीएस मोटर 4, बजाज ऑटो 3.5 और हीरो मोटोकॉर्प 1.7 प्रतिशत तक टूटे। ऑटो कंपोनेंट कंपनियों संवर्धन मोथरसन और यूनो मिंडा के शेयर क्रमशः 5 और 6 फीसदी से अधिक लुढ़के।

गिरावट की यह आग सिर्फ तेल से जुड़े सेक्टर तक नहीं रुकी। लार्सन एंड टुब्रो 4 फीसदी और टाटा स्टील 4.4 फीसदी टूटे। बैंकिंग सेक्टर में SBI करीब 6 फीसदी गिरा, जबकि एक्सिस बैंक, ICICI बैंक और HDFC बैंक 3 से 4 फीसदी नीचे आए। IT सेक्टर अपेक्षाकृत बेहतर रहा लेकिन TCS, इंफोसिस और HCL Tech भी 1 से 1.6 फीसदी गिरे। भारत जैसा बड़ा तेल आयातक देश वैश्विक तेल कीमतों के हर झटके को सीधे महसूस करता है और आज बाजार ने यही दिखाया।

Updated on:
09 Mar 2026 01:15 pm
Published on:
09 Mar 2026 01:15 pm