
HFCL के शेयर में आज भी तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)
HFCL Dividend Record Date: एचएफसीएल के शेयर ने पिछले कुछ महीनों में निवेशकों को काफी अच्छा रिटर्न दिया है। मंगलवार, 8 सितंबर को भी शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर में करीब 5 फीसदी की तेजी आई और यह 255 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। खास बात यह है कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में भी शेयर 5 फीसदी के अपर सर्किट पर बंद हुआ था। लगातार तीन कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है। हालांकि, इतनी तेज रफ्तार के बाद अब निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि शेयर में अभी और तेजी की गुंजाइश है या मुनाफा बुक करने का समय आ गया है।
एचएफसीएल के शेयर में इस साल जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बीएसई पर पिछले छह महीनों में शेयर की कीमत 260 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी है। 31 अगस्त को शेयर ने 257 रुपये का 52 हफ्तों का नया हाई बनाया था। इसके मुकाबले 23 जनवरी 2026 को शेयर का 52 हफ्तों का निचला स्तर 59.83 रुपये था। यानी निचले स्तर से शेयर में कई गुना तेजी आ चुकी है। मंगलवार को शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ 255 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, जो 255.05 के अपर सर्किट से बस कुछ पैसे नीचे था।
एचएफसीएल का कारोबार मुख्य रूप से टेलीकॉम, रेलवे और डिफेंस से जुड़ा है। कंपनी हाई-स्पीड और सुरक्षित डेटा वॉइस ट्रांसमिशन के लिए डिजिटल नेटवर्क सॉल्यूशन और ऑप्टिकल फाइबर जैसी तकनीक उपलब्ध कराती है। शेयर में हाल की तेजी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार और टेलीकॉम व रेलवे जैसे सेक्टर में बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
कंपनी को हाल में बड़े ऑर्डर भी मिले हैं। 1 सितंबर को कंपनी ने करीब 2,329 करोड़ रुपये के ऑप्टिकल फाइबर केबल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट की जानकारी दी थी। इससे पहले 17 जून को कंपनी ने बताया था कि उसे रेल विकास निगम लिमिटेड यानी RVNL से 2,666.09 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर उत्तर प्रदेश पश्चिम टेलीकॉम सर्किल में भारतनेट फेज-3 प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
कंपनी के वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अच्छा परफॉर्म किया है। कंपनी की कुल आय FY26 में बढ़कर 5,014.52 करोड़ रुपये हो गई, जो FY25 में 4,122.28 करोड़ रुपये थी। यानी सालाना आधार पर इसमें करीब 21.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT भी करीब 90 फीसदी बढ़कर 329.44 करोड़ रुपये हो गया। FY25 में यह 173.26 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का EBITDA 63.15 फीसदी बढ़कर 826.75 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 506.75 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, EBITDA मार्जिन 12.47 फीसदी से बढ़कर 16.70 फीसदी हो गया। यानी कंपनी की कमाई बढ़ने के साथ मार्जिन में भी सुधार हुआ है। यही बात शेयर बाजार में निवेशकों को पसंद आ रही है।
सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, एचएफसीएल के शेयर में मौजूदा तेजी की एक वजह डिविडेंड को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी भी हो सकती है। कंपनी ने 20 फीसदी यानी 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 0.20 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी ने डिविडेंड के लिए 22 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
शेयर में जिस तरह की तेजी आई है, उसके बाद एक्सपर्ट भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। ग्लोब कैपिटल मार्केट के एवीपी (रिसर्च) विपिन कुमार के मुताबिक, एचएफसीएल का शेयर पिछले करीब आठ महीनों में 60 रुपये से बढ़कर 252 रुपये के आसपास पहुंचा है। इस दौरान शेयर ने लगातार higher highs और higher lows लेवल बनाए हैं। साथ ही यह शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। उनका कहना है कि इतने तेज उछाल के बाद कुछ निवेशक मुनाफा वसूल सकते हैं। हालांकि, शेयर का चार्ट अभी भी मजबूत दिख रहा है। ऐसे में गिरावट आने पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। उनके मुताबिक 230 रुपये से 210 रुपये का जोन शेयर के लिए संभावित खरीदारी का मौका हो सकता है।
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के सीनियर मैनेजर, इक्विटी टेक्निकल रिसर्च, जिगर एस. पटेल के मुताबिक एचएफसीएल में अब कुछ सावधानी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि शेयर में कई bearish divergences बन रहे हैं। इसका मतलब यह है कि शेयर की कीमत भले ही ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, लेकिन तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ती दिख रही है। पटेल के मुताबिक 232 रुपये पर अहम सपोर्ट लेवल है, जबकि 257 रुपये पर प्रमुख रेजिस्टेंस है।
अगर शेयर 257 रुपये के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजी में फिर जान आ सकती है। लेकिन जब तक ऐसा नहीं होता, मौजूदा निवेशकों को मुनाफा सुरक्षित करने पर विचार करना चाहिए और नए निवेशकों को मौजूदा स्तर पर जल्दबाजी से बचना चाहिए। अगर शेयर 232 रुपये के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
08 Sept 2026 01:36 pm
Published on:
08 Sept 2026 01:24 pm
