कारोबार

Crude Oil Price: अमेरिका से आई एक खबर और गिर गईं तेल की कीमतें, जानिए भाव

mcx crude oil prices: अमेरिका के तेल भंड़ार में बढ़ोतरी के बाद से ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई।
2 min read
Mar 18, 2026
crude oil prices fall today
कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट। फोटो: एआइ

अमेरिका के तेल भंड़ार में वृद्धि की रिपोर्ट के बाद से ही 18 मार्च को तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण तेल की कीमतों को स्थिर रखने के कई प्रयास किए गए है। युद्ध की शुरुआत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर प्रति बैरल पर थी। लेकिन युद्ध के बाद से ही तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है।

तेल बाजार में आई गिरावट

वैश्विक बाजार में आज ब्रेंट क्रूड का भाव 2.31 डॉलर यानी 2.24 प्रतिशत गिरकर 101.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल यानी WTI क्रूड इससे भी ज्यादा 3.20 डॉलर यानी 3.21 प्रतिशत टूटकर 92.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

भारत में भी इसका असर देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चे तेल की कीमत 2.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,604 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गई।

तेल के प्राइस में इसलिए आई गिरावट

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के आंकड़ों से पता चला है कि 13 मार्च तक अमेरिका के पास 6.56 मिलियन बैरल तेल की वृद्धि हुई है। तेल की कीमतों को कम करने का यह प्रमुख कारण माना जा रहा है।

इसके अलावा पाइपलाइनों के माध्यम से तेल का निर्यात किया जा रहा है। इसके लिए इराक के तेल मंत्री ने तु्र्की के सेहान ऊर्जा केंद्र को तेल का निर्यात शुरु करने का समझौता किया है। स्थानीय समय के अनुसार यह तेल आपूर्ति बुधवार को सुबह 10 बजे से शुरु होने की उम्मीद है।

नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा कि शरारा तेल क्षेत्र में लगी आग के बाद तेल का निर्यात जारी रखने के लिए वैकल्पिक पाइपलाइनों का उपयोग किया जा रहा है।

कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश

अमेरिका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) से 86 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारा है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। दरअसल यह एक एक्सचेंज व्यवस्था है, इसे स्थायी आपूर्ति नहीं कहा जा सकता। इससे बाजार में तत्काल कीमतों को कम करने के प्रयास के रूप में देखा जाता है। हालांकि, प्रतिदिन लगभग 7-8 मिलियन बैरल का उत्पादन अभी भी बाधित है, जिससे बाजार भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील है।

Updated on:
18 Mar 2026 12:38 pm
Published on:
18 Mar 2026 12:38 pm