Dearness Allowance: अप्रैल 2026 के AICPI-IW आंकड़ों में बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी तक वृद्धि की संभावना बनी है। मौजूदा गणना के अनुसार DA 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी पहुंच सकता है।
DA Hike: जिस तरह से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को इंक्रीमेंट का इंतजार होता है, उसी तरह से सरकारी कर्मचारियों को डीए हाइक यानी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार रहता है। कर्मचारी हर बार यह चाहते हैं कि उनके महंगाई भत्ते में अच्छा-खासा इजाफा हो। डीए में यह बढ़ोतरी औद्योगिक कर्मचारियों की महंगाई में बढ़ोतरी के हिसाब से होती है। जितनी महंगाई बढ़ती है, डीए में भी उतनी ही अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद रहती है।
लेबर ब्यूरो ने ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स- इंडस्ट्रीयल वर्कर्स (AICPI-IW) का अप्रैल महीने का डेटा जारी कर दिया है। इससे जून 2026 में संभावित डीए हाइक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन आंकड़ों से यह उम्मीद बंधी है कि जून में DA में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अभी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, क्योंकि मई और जून 2026 के आंकड़े आना बाकी हैं। फिर भी अप्रैल के आंकड़े ये संकेत जरूर दे रहे हैं कि कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। महंगाई भत्ता तय करने में AICPI-IW की अहम भूमिका होती है। यही आंकड़ा बताता है कि कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए कितना DA बढ़ाया जाना चाहिए।
लेबर ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में AICPI-IW इंडेक्स बढ़कर 149.9 अंक पर पहुंच गया। मार्च 2026 में यह 149.1 अंक पर था। वहीं, महंगाई दर भी 4.27 फीसदी से बढ़कर 4.46 फीसदी हो गई। यानी महंगाई की रफ्तार तेज हुई है।
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर सरकार महंगाई भत्ता कैसे तय करती है। इसका जवाब 12 महीनों के औसत AICPI-IW आंकड़ों में छिपा है। जून 2026 के DA के लिए जुलाई 2025 से जून 2026 तक के 12 महीनों का औसत इंडेक्स देखा जाएगा। फिलहाल मई 2025 से अप्रैल 2026 तक का औसत AICPI-IW 147.51 है।
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से लागू मानी गई और इसके बाद DA बढ़कर 60 फीसदी हो गया। अब कर्मचारियों की नजर अगले संशोधन पर टिकी हुई है।
महंगाई भत्ता एक तय फॉर्मूले के आधार पर निकाला जाता है। 2016 बेस ईयर वाले इंडेक्स को 2001 बेस ईयर से जोड़ने के लिए 2.88 का गुणांक इस्तेमाल किया जाता है। मौजूदा 12 महीने के औसत आंकड़े के आधार पर गणना करने पर DA लगभग 62.51 फीसदी निकलता है। नियमों के मुताबिक इसे नजदीकी पूर्णांक में बदलने पर यह 63 फीसदी हो सकता है। यानी मौजूदा 60 फीसदी के मुकाबले करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना बनती दिख रही है। हालांकि, अंतिम फैसला मई और जून 2026 के आंकड़े आने के बाद ही होगा। सरकार की आधिकारिक घोषणा के बिना इसे अंतिम नहीं माना जा सकता।
मान लीजिए किसी लेवल-5 कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 29,200 रुपये है।
60 फीसदी DA पर:
अगर DA बढ़कर 63 फीसदी हो जाता है तो:
इस तरह कर्मचारी की मासिक आय में करीब 876 रुपये का इजाफा हो सकता है।