
8th Pay Commission में पेंशन से जुड़े नियम बदल सकते हैं। (PC: AI)
8th Pay Commission Update: आठवें वेतन आयोग में वेतन बढ़ोतरी का देश के लाखों सरकारी कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग में इस बार चर्चा का बड़ा मुद्दा रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और बुजुर्ग कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा का भी है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने ऐसे कई सुझाव रखे हैं, जिनसे रिटायरमेंट के बाद इनकम बढ़ सकती है और बुजुर्गों को बेहतर जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा पेंशन व्यवस्था कई रिटायर्ड कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से पेंशन की गणना के तरीके में बदलाव और उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग तेज हो गई है।
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को दिए अपने ज्ञापन में कहा है कि रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण पेंशन को मौजूदा 50 फीसदी से बढ़ाकर अंतिम प्राप्त वेतन (Last Pay Drawn) या पिछले 10 महीनों के औसत वेतन का 67 फीसदी किया जाना चाहिए। कर्मचारी संगठन का तर्क है कि इससे कम से कम दो सदस्यीय परिवार की बुनियादी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।
कर्मचारी संगठनों ने संसद की एक स्थायी समिति की सिफारिश का भी हवाला दिया है। इस सिफारिश के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद हर पांच साल में पेंशन में 5 फीसदी अतिरिक्त बढ़ोतरी की जा सकती है। प्रस्तावित ढांचा कुछ इस प्रकार हो सकता है:
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अधिक उम्र के पेंशनर्स को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में काफी ज्यादा आर्थिक सहायता मिल सकती है।
पेंशन को लेकर एक और अहम सुझाव यह है कि कर्मचारियों को अपनी जरूरत के हिसाब से पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इसके तहत कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं।
ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS में कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन और महंगाई भत्ते के आधार पर निश्चित पेंशन मिलती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती है। कर्मचारी को सेवा के दौरान अलग से योगदान नहीं देना पड़ता।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी NPS योगदान आधारित मॉडल है। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों नियमित योगदान करते हैं। रिटायरमेंट के समय मिलने वाली पेंशन जमा फंड और बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है। कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि बुजुर्गों की आजीविका शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। यही वजह है कि NPS को लेकर बहस लगातार जारी है।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को OPS और NPS के बीच संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है। इसमें NPS की तरह योगदान का प्रावधान है, लेकिन साथ ही निश्चित पेंशन का भी आश्वासन दिया जाता है।
8वें वेतन आयोग के फैसलों का असर 1.1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ने की उम्मीद है। इनमें केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवार शामिल हैं। इसलिए पेंशन से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। भारत में अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में गठित किया गया था। आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग बनाया जाता है। 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था।
Published on:
01 Jun 2026 01:13 pm
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